Navegaon Attack Forest Staff News: महाराष्ट्र की प्रमुख बाघ परियोजनाओं में शामिल नवेगांव-नागझिरा टाइगर रिजर्व में मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में भालू के हमले में वनपाल की मौत और उसके अगले दिन पुलिस टीम पर हुए हमले के बाद वन विभाग ने मैदानी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
नागझिरा ब्लॉक के उमरझरी वन परिक्षेत्र अंतर्गत बंदरझरा बीट में 5 अगस्त को भालू के हमले में वनपाल शामू शरणागत की मौत हो गई थी। इसके अगले दिन 6 अगस्त को परियोजना क्षेत्र से बाहर लाखनी तहसील के राजेगांव स्थित महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम परिसर में लापता 11 वर्षीय बच्चे की तलाश कर रही पुलिस टीम पर भी भालू ने हमला कर दिया। इस घटना में पुलिस उपनिरीक्षक देविदास बागडे गंभीर रूप से घायल हो गए।
जैसा कि इन घटनाओं के बाद वन कर्मचारियों और गश्ती दलों की सुरक्षा का मुद्दा गंभीरता से उठाया गया। वनपाल शामू शरणागत की मौत के बाद राज्य के वनमंत्री गणेश नाईक ने नवेगांव-नागझिरा बाघ परियोजना के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक की।
वनमंत्री गणेश नाईक ने अधिकारियों को मैदानी कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े जरूरी प्रस्ताव तत्काल भेजने के निर्देश दिए। साथ ही जंगल में गश्त करने वाले कर्मचारियों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
एकीकृत नियंत्रण प्रणाली लागू होने के बाद भंडारा और गोंदिया के प्रादेशिक वन विभाग के साथ महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम के अधीन आने वाले बफर क्षेत्र भी सीधे बाघ परियोजना के नियंत्रण में आ गए हैं।
इसके चलते परियोजना का क्षेत्र पहले की तुलना में काफी विस्तृत हुआ है। क्षेत्रफल बढ़ने के साथ ही वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों पर गश्त और निगरानी का अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। ऐसे में पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों और सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता को जरूरी माना जा रहा है।
समीक्षा के दौरान नए शामिल किए गए वन क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों के पास सुरक्षा उपकरणों की कमी का मुद्दा भी सामने आया। कर्मचारियों को गश्ती स्टिक, गमबूट और अन्य आवश्यक सुरक्षा सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई।
वनमंत्री गणेश नाईक ने इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा गश्त के दौरान वन कर्मचारियों के साथ पर्याप्त संख्या में वन मजदूरों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। लगातार हो रही वन्यजीव हमलों की घटनाओं के बीच अब वन विभाग का जोर कर्मचारियों की सुरक्षा मजबूत करने और विस्तारित वन क्षेत्रों में प्रभावी गश्त व्यवस्था विकसित करने पर है।