Bhandara Rural Road Construction: भंडारा जिले के मोहाड़ी तहसील के नेरी पाचगांव गांव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मनरेगा के तहत निर्मित पांच पगडंडी सड़कों के मुरूम एवं गिट्टीकरण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है।
सूचना का अधिकार कार्यकर्ता सुनील मेश्राम ने इस संबंध में कक्ष अधिकारी नियोजन विभागरोजगार हमी, मुंबई, आयुक्त मनरेगा, नागपुर, जिला कलेक्टर भंडारा, उपजिला कार्यक्रम समन्वयक मनरेगा, जिला परिषद भंडारा तथा समूह विकास अधिकारी, पंचायत समिति मोहाड़ी को शिकायत सौंपकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गांव में मनरेगा के तहत पांच पगडंडी सड़कों का मुरुम एवं गिट्टीकरण कार्य स्थानीय ठेकेदार द्वारा किया गया, लेकिन निर्माण कार्य में भारी अनियमितताएं बरती गईं। सभी सड़कें मात्र 15 दिनों में मशीनों के माध्यम से तैयार कर दी गईं, जबकि योजना का उद्देश्य मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराना है।
शिकायत के अनुसार कार्यस्थल पर मजदूर मौजूद नहीं थे, फिर भी उनके नाम पर भुगतान निकाले गए हैं। प्रत्येक सड़क का अनुमानित लागत लगभग 22 लाख रुपये होने के बावजूद स्वीकृत मानकों के अनुसार कार्य नहीं किया गया। पुराने रास्ते पर केवल 80 एमएम और 40 एमएम की गिट्टी की पतली परत बिछाकर उसके ऊपर मिट्टी और निम्न गुणवत्ता वाले मुरुम की परत डाल दी गई। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पानी का छिड़काव कर रोलर चलाया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
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सूचना का अधिकार कार्यकर्ता सुनील मेश्राम ने मांग की है कि नेरी के पगडंडी सड़क निर्माण कार्यों की जिला अथवा संभागीय स्तर की समिति से निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, संबंधित कार्यों के भुगतान पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।