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भंडारा की तांडा-बस्तियों के अच्छे दिन: 116 करोड़ से बदलेगी 706 बस्तियों की सूरत; पांच साल का मेगा प्लान तैयार!

Bhandara Tanda Basti Improvement Scheme: भंडारा की 706 तांडा-बस्तियों के लिए 116.21 करोड़ रुपये मंजूर। वसंतराव नाईक सुधार योजना के तहत 5 साल में होगा विकास। जानें तहसीलवार खर्च का विवरण।

प्रिया जैस

Bhandara District Social Welfare Department: भंडारा जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयासों से जिले की विमुक्त जाति, घुमंतु जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग बहुल बस्तियों के अच्छे दिन आने वाले हैं। शासन ने वसंतराव नाईक तांडा-बस्ती सुधार योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक की पांच वर्षीय वृहत विकास रूपरेखा को आधिकारिक मंजूरी दे दी है।

इस महात्वाकांक्षी योजना के माध्यम से जिले की कुल 706 तांडा-बस्तियों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 116 करोड़ 21 लाख 11 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी। महाराष्ट्र शासन की ओर से संचालित यह योजना मुख्य रूप से उन क्षेत्रों पर केंद्रित है जहाँ घुमंतु और विमुक्त जनजातियों की आबादी अधिक है।

पांच साल का रोडमैप तैयार

योजना का प्राथमिक उद्देश्य इन बस्तियों को मुख्यधारा से जोड़ना और वहां जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है। प्रशासन ने इस बार योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए पांच साल का रोडमैप तैयार किया है, जिससे विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी।योजना के तहत होने वाले कार्यों का विस्तार काफी व्यापक है। इसमें सबसे अधिक प्राथमिकता पेयजल आपूर्ति को दी गई है।

बस्तियों में बोरवेल की खुदाई, पानी की टंकियों का निर्माण और हर घर तक पाइपलाइन पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, बस्तियों की आंतरिक सड़कों का डामरीकरण और उन्हें मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए संपर्क सड़कों का जाल बिछाया जाएगा। विद्युतीकरण के अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों पर स्ट्रीट लाइट और घरों तक सुरक्षित बिजली कनेक्शन सुनिश्चित किए जाएंगे।

स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए गंदे पानी की निकासी के लिए पक्की नालियों का निर्माण भी इस योजना का अहम हिस्सा है। सामाजिक जुड़ाव के लिए सामुदायिक भवन, अध्ययन के लिए वाचनालय और सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है।

निधि का आवंटन आबादी की संख्या पर

निधि का आवंटन आबादी के मापदंडों के आधार पर पारदर्शी तरीके से किया जाएगा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 100 से कम आबादी वाली 287 बस्तियों के लिए प्रति बस्ती 15 लाख रुपये के मान से कुल 43।05 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।

वहीं, 100 से 150 की आबादी वाले 170 तांडों के लिए प्रति कार्य 20 लाख रुपये के हिसाब से 34 करोड़ रुपये का प्रावधान है। जिन बस्तियों की आबादी 150 से अधिक है, ऐसी 249 जगहों पर प्रति कार्य 25 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसके लिए कुल 62.25 करोड़ रुपये की निधि निर्धारित की गई है।

तांडा-बस्तियों का कायाकल्प होगा

विकास कार्यों की चयन प्रक्रिया पूरी तरह प्रशासनिक निगरानी में हुई है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली विशेष समिति ने स्थानीय आवश्यकताओं का बारीकी से सर्वेक्षण करने के बाद इन कार्यों की सूची को अंतिम रूप दिया है। जिला प्रशासन का विश्वास है कि इस भारी निवेश से तांडा-बस्तियों में आधारभूत संरचना का कायाकल्प होगा, जिससे न केवल आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा बल्कि सामाजिक स्तर पर भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। यह निवेश ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं की कमी को दूर कर नागरिकों को एक गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

तहसीलवार बस्तियों में प्रस्तावित खर्च का विवरण

तहसील बस्तियों की संख्या कुल लागत (रुपये में)
भंडारा 164 28,27,97,000
तुमसर 132 23,71,51,000
साकोली 135 19,17,70,000
लाखनी 83 16,36,24,000
पवनी 69 12,15,00,000
मोहाडी 72 11,99,00,000
लाखांदुर 51 4,53,69,000
कुल योग 706 ₹ 116,21,11,000

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