Gobarwahi Primary Health Centre: भंडारा जिले के तुमसर तहसील के अंतर्गत आने वाले गोबरवाही स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की स्वास्थ्य व्यवस्था बुनियादी सुविधाओं के अभाव में पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। वर्ष 1953 में चुका स्थापित यह स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के अत्यंत महत्वपूर्ण मदर पीएचसी के रूप में जाना जाता है, लेकिन लगभग 75 वर्ष पुरानी यह इमारत वर्तमान में पूरी तरह जर्जर हो चुकी है।
पुरानी इमारत के खतरनाक स्थिति में पहुंचने के कारण इसे हटाकर नई पीएचसी इमारत का निर्माण करना बेहद आवश्यक हो गया है। हालांकि, नई इमारत का निर्माण कार्य अब तक शुरू न होने से स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है।
गोबरवाही पीएचसी के अंतर्गत आसपास के दर्जनों गांवों के मरीज प्रतिदिन उपचार के लिए पहुंचते हैं, परंतु पर्याप्त जगह और आवश्यक सुविधाओं के अभाव में मरीजों का इलाज एक ही कमरे में करने की नौबत आ गई है। एक ही कमरे में प्राथमिक उपचार, जांच और मरीजों को भर्ती करने जैसी प्रक्रियाएं होने से मरीजों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही जगह की भारी कमी के कारण डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी अपने दैनिक कर्तव्यों के संपादन में भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र के हजारों नागरिकों के लिए जीवनदायिनी साबित होने वाले इस स्वास्थ्य केंद्र की दुर्दशा 1 को देखते हुए प्रशासन से तत्काल पहल कर नई इमारत का निर्माण शुरू कराने की मांग जोर पकड़ रही है। इस संबंध में भारतीय क जनता पार्टी भंडारा जिला युवा उपाध्यक्ष तथा न सीतासावंगी के सरपंच प्रकाशकुमार धिकोडी ने प्रशासन को कड़े आंदोलन की चेतावनी नदी है।
धिकोडी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं नागरिकों की मूलभूत आवश्यकता है और ऐसे महत्वपूर्ण विषय पच प्रशासन की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, उन्होंने मांग की है कि पुरानी इमारत क समस्या का तत्काल स्थायी समाधान निकालकर नई पीएचसी इमारत का निर्माण कार्य अविलंब शुरू किया जाए, यदि प्रशासन ने जल्द ही निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो स्थानीय ग्रामीणों को साथ लेकर उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गोबरवाही पीएचसी की नई इमारत के निर्माण की प्रक्रिया तुरंत शुरू करने का आग्रह किया है।