Bharatiya Kisan Sangh Bhandara: खरीफ सीजन 2024-25 का बकाया धान बोनस तत्काल किसानों के खातों में जमा करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ विदर्भ प्रांत, जिला भंडारा ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दी है। संघ ने कहा कि यदि आगामी 15 दिनों में किसानों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो जिला व्यापी आंदोलन किया जाएगा। यह जानकारी पत्रवार्ता परिषद में दी गई। भारतीय किसान संघ ने मांग की कि खरीफ सीजन 2024-25 का बकाया धान बोनस शेष किसानों को तत्काल दिया जाए। वहीं खरीफ सीजन 2025-26 में आधारभूत धान खरीदी केंद्रों पर पंजीकृत सभी किसानों को बोनस देने का आश्वासन पिछले अधिवेशन में दिया गया था।
इसके बावजूद धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपये की बोनस राशि अब तक नहीं मिली है। यह राशि तत्काल किसानों के खातों में जमा करने की मांग की गई। धान और अन्य फसलों की कटाई, बांधणी व मड़ाई सहित खेतिहर मजदूरों से जुड़े सभी कार्यों को जीरामजी योजना में शामिल करने की मांग भी किसान संघ ने रखी। पत्रवार्ता परिषद में जिला मंत्री दिनेश कापगते, जिला कोषाध्यक्ष मधुकर कापगते, भास्कर चिरवतकर, वामन कापगते, मुकेश बावणे, सुरेश हरिणखेडे, एकनाथ दोनोडे, सूर्यभान निर्वाण, गिरीधारी लांजेवार, दीपक कापगते, सतीश मानकर, इंद्रायणी कापगते, माया टेंभुर्णे, रजनी करंजेकर और ईश्वर नागपुरे उपस्थित थे।
किसानों ने जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान के दायरे में बंदरों से होने वाले फसल नुकसान को भी शामिल करने की मांग की है। नुकसान का तत्काल पंचनामा कर निर्धारित समय में मुआवजा देने की मांग की गई। इसके अलावा भालू, जंगली सूअर, मधुमक्खियों तथा अन्य वन्यजीवों के कारण किसानों की फसल और जनहानि को भी मुआवजा व्यवस्था में शामिल करने तथा इसके लिए वन कानून में आवश्यक प्रावधान करने की मांग की गई।
ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के पगडंडी रास्तों की तत्काल मरम्मत करने तथा इन रास्तों से अतिक्रमण हटाने, नगर परिषद क्षेत्र में आने वाली कृषि भूमि के लिए भी जीरामजी योजना के माध्यम से पगडंडी रास्ते तैयार करने, नगर परिषद क्षेत्र में प्रत्येक वर्ष आमसभा आयोजित करने की मांग की गई। भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि किसानों की इन मांगों पर आगामी 15 दिनों में कार्रवाई नहीं हुई तो जिला स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा।