भंडारा चुनाव परिणाम (सौजन्य-नवभारत) 
भंडारा

Bhandara Nikay Chunav Results: भंडारा चुनाव में बड़ा उलटफेर, दिग्गज हारे, नए चेहरे नगराध्यक्ष बने

Bhandara Municipal Election Results: भंडारा जिले में नगर परिषद चुनाव में बड़ा उलटफेर हो गया है। भाजपा ने दो नगराध्यक्ष पद जीते, पवनी में एनसीपी और तुमसर में निर्दलीय विजयी रहे। तो वहीं दिग्गज हार गए।

प्रिया जैस

Bhandara Election Results 2025: भंडारा जिले की चार नगर परिषदों के चुनाव परिणामों ने स्थानीय राजनीति में बड़ा उलटफेर कर दिया है। मतदाताओं ने कई दिग्गज नेताओं को नकारते हुए नए और युवा चेहरों को अवसर दिया। इन चुनावों में कुल 4 नगर परिषदों से भारतीय जनता पार्टी ने दो नगर परिषदों में अध्यक्ष पद जीतकर बढ़त हासिल की, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित) को एक और एक नगर परिषद में निर्दलीय उम्मीदवार को सफलता मिली।

कुल मिलाकर जिले की राजनीति में भाजपा का दबदबा स्पष्ट रूप से सामने आया है। भंडारा जिले की भंडारा, तुमसर, पवनी और साकोली नगर परिषदों के अध्यक्ष और 100 पार्षदों के लिए 2 दिसंबर को मतदान हुआ था। मतगणना के बाद आए परिणामों ने कई राजनीतिक समीकरण बदल दिए। चार नगर परिषदों में से भंडारा और साकोली में भाजपा के उम्मीदवारों ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।

कांग्रेस को हराया

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को पवनी और तुमसर नगर परिषद में निर्दलीय उम्मीदवार ने अध्यक्ष पद हासिल किया। भंडारा नगर परिषद में मतदाताओं ने सत्ताधारी विधायकों को करारा झटका देते हुए भाजपा की मधुरा मिलिंद मदनकर को नगराध्यक्ष चुना। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को 4,108 मतों से पराजित किया। साकोली नगर परिषद में भी भाजपा की देवश्री मनीष कापगते ने कांग्रेस की सुनीता कापगते को हराकर 2230 वोटों के अंतर से अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। भंडारा नगर परिषद में 35 वार्डों में से भाजपा ने 23 पार्षदों को जिताकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया। शिवसेना को पांच, कांग्रेस को चार और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को केवल तीन पार्षदों पर संतोष करना पड़ा।

शिवसेना तीसरे स्थान पर रह गई सीमित

यह चुनाव शिंदे सेना के विधायक नरेंद्र भोंडेकर के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न माना जा रहा था। शिवसेना की ओर से उनकी पत्नी डॉ. अश्विनी भोंडेकर अध्यक्ष पद की उम्मीदवार थीं। मतदाताओं ने शिवसेना को तीसरे स्थान पर सीमित कर दिया। मधुरा मदनकर को 18,727, जयश्री बोरकर को 14,679 और अश्विनी भोंडेकर को 13,103 मत मिले। इस परिणाम को विधायक भोंडेकर के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। वे अपने समर्थकों को भी पार्षद के रूप में जिताने में सफल नहीं हो सके। चुनाव परिणामों में कई वरिष्ठ नेताओं को हार का सामना करना पड़ा। इनमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सात बार पार्षद रहे विनयमोहन पशीने, शिवसेना के बाबू बागड़े और भाजपा के जैकी रावलानी, बंटी बांगड़कर, बंटी मिश्रा, शमीम शेख, अश्विनी नरेंद्र बुरडे शामिल हैं। वहीं भाजपा के जिला अध्यक्ष आशु गोंडाने वार्ड नंबर 11 से विजयी होकर चर्चा में रहे।

कांग्रेस प्रत्याशी ने 595 वोटों से हराया

पवनी नगर परिषद में मुकाबला बेहद रोचक रहा। भाजपा की उम्मीदवार भावना भाजीपाले को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की डॉ. विजया नंदुरकर ने 595 मतों से पराजित किया। तुमसर नगर परिषद में निर्दलीय युवा उम्मीदवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बागी सागर गभने ने एक पूर्व विधायक और दो पूर्व नगराध्यक्षों को शिकस्त दी।

इन चुनाव परिणामों ने यह साफ कर दिया है कि मतदाता परंपरागत राजनीति से हटकर नए चेहरों को मौका देने के लिए तैयार हैं। यह चुनाव जिले की राजनीति में बदलाव और नई दिशा का संकेत माना जा रहा है।

भंडारा में आपत्ति के कारण फिर चुनाव की मांग

भंडारा में मतगणना के दौरान प्रभाग क्रमांक 3 में दो उम्मीदवारों के नाम बैलट यूनिट पर से नदारद पाए गए जिस पर शिवसेना के संजय कुंभलकर ने आपत्ति दर्ज कराई। इस दौरान बैलेट यूनिट मंगई गई जिसमें 5 में से केवल 3 उम्मीदवारों के ही नाम दिखाई दिए। इस कारण काफी समय तक भ्रम और तनाव की स्थिति बनी रही। संजय कुंभलकर ने पूरी चुनाव प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इसे रद्द करने की मांग की है।

अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे : विधायक फुके

जनता ने भारतीय जनता पार्टी पर विश्वास जताते हुए नगराध्यक्ष पद के साथ 23 पार्षदों को विजयी बनाया है। बहुमत की सत्ता देकर भंडारा की जनता ने जो भरोसा जताया है, उसे टूटने नहीं दिया जाएगा। भंडारा के कायापालट और समग्र विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास किया जाएगा। यह प्रतिक्रिया विधायक परिणय फुके ने जीत के बाद दी।

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