मधुरा मदन- जयश्री बोरकर- शुभांगी मेंढे- अश्विनी बोंदेकर (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
भंडारा

भंडारा नगर परिषद चुनाव में सस्पेंस कायम, प्रमुख दलों ने रोके पत्ते, गठबंधन की चर्चा तेज

Bhandara Municipal Election: भंडारा नगर परिषद चुनाव में प्रमुख दलों ने अब तक नगराध्यक्ष पद के उम्मीदवार घोषित नहीं किए, जिससे सियासी सस्पेंस और असंतोष बढ़ गया है।

प्रिया जैस

Mayor Candidate Suspense: भंडारा जिले की चार नगर परिषदों के आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन दूसरे दिन तक भी नगराध्यक्ष पदों के उम्मीदवारों को लेकर सस्पेंस बरकरार है।

प्रमुख दलों द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा में हो रही देरी से कार्यकर्ताओं में असंतोष और बेचैनी बढ़ी है। राजनीतिक हलकों में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि दल अपने पत्ते आखिरी समय में खोलेंगे। जिले की चारों नगर परिषदों के चुनाव दो दिसंबर को होने वाले हैं, जबकि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 नवंबर तय की गई है।

भाजपा में असंतोष और इस्तीफे

नगराध्यक्ष पद के लिए भाजपा, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के बीच जोरदार प्रतिस्पर्धा शुरू हो चुकी है। भाजपा में दावेदारों की लंबी सूची के कारण टिकट वितरण में असमंजस की स्थिति है। बताया जा रहा है कि टिकट न मिलने की आशंका से कुछ पदाधिकारियों ने इस्तीफे भी दे दिए हैं। भंडारा नगर परिषद के लिए पूर्व सांसद सुनील मेंढे की पत्नी शुभांगी मेंढे और नगरसेविका मधुरा मिलिंद मदनकर के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। हालांकि, पार्टी ने अभी किसी नगर परिषद के लिए अधिकृत उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। वहीं, सूत्रों के अनुसार तुमसर और पवनी नगर परिषदों के लिए नाम लगभग तय माने जा रहे हैं।

शिवसेना (शिंदे गुट) का नाम तय

शिवसेना (शिंदे गुट) ने इस बार सबसे पहले मैदान में उतरते हुए भंडारा नगराध्यक्ष पद के लिए डॉ. अश्विनी भोंडेकर का नाम तय कर लिया है। वे भंडारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक नरेंद्र भोंडेकर की पत्नी हैं। इससे शिवसेना ने अन्य दलों पर शुरुआती बढ़त बना ली है।

कांग्रेस-राष्ट्रवादी (शरद) में गठबंधन की कोशिशें

इधर कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत तेज हो गई है। दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच सीटों के बंटवारे पर चर्चा चल रही है। यदि यह गठबंधन साकार हुआ तो स्थानीय स्तर पर चुनावी समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भंडारा नगर परिषद के लिए महिला कॉंग्रेस की जिलाध्यक्ष जयश्री बोरकर ने मजबूत दावेदारी पेश की है।

दावेदारों की भीड़ और अंतर्कलह

  • नगराध्यक्ष पदों के लिए बढ़ती दावेदारी ने हर दल में गुटबाजी और नाराजगी का माहौल बना दिया है।
  • उम्मीद जताई जा रही है कि उम्मीदवारों की घोषणा के बाद असंतुष्ट कार्यकर्ता बगावत का रास्ता अपना सकते हैं।
  • वहीं, विरोधी दलों की रणनीति भांपते हुए कुछ दल अंतिम समय पर “तोलामोल” के उम्मीदवार मैदान में उतारने की तैयारी में हैं।
  • इस बार राजनीतिक दलों ने युवा और नए चेहरों को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है। कई वार्डों में महिलाओं को भी अधिक अवसर देने की दिशा में प्रयास जारी हैं।
  • हालांकि, कुछ दल अनुभव और स्थिरता के नाम पर पुराने नगरसेवकों को ही पुनः मौका देने के पक्ष में हैं।
  • इन सबके बीच भंडारा की स्थानीय राजनीति में सस्पेंस, समीकरण और सत्तासंघर्ष का यह खेल अब अंतिम चरण की ओर बढ़ चला है।

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