Mudita Buddhist (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया) 
भंडारा

भंडारा: मुदिता बौद्ध महिला परिषद 2026 में समानता, शिक्षा और महिला अधिकारों पर मंथन

Buddhist Women Conference: भंडारा के जी.वी. क्लब में भीम की बेटियां-वुमेन डॉक्टर्स ग्रुप द्वारा पहली मुदिता बौद्ध महिला परिषद 2026 का आयोजन किया गया।

आंचल लोखंडे

Mudita Buddhist Women Conference 2026: भंडारा शहर के खात रोड स्थित जी.वी. क्लब में भीम की बेटियां-वुमेन डॉक्टर्स ग्रुप के तत्वावधान में भंडारा जिले की पहली मुदिता-बौद्ध महिला परिषद 2026 का सफल एवं अनुशासित आयोजन किया गया। परिषद का उद्देश्य महिलाओं की क्षमता, नेतृत्व और बौद्धिक योगदान का सम्मान करते हुए बौद्ध दर्शन, शिक्षा तथा महिलाओं के कानूनी अधिकारों के प्रति वैचारिक जागरूकता बढ़ाना था, सामाजिक समरसता का दिया संदेश कार्यक्रम में भंडारा जिले के लाखनी, जवाहरनगर सहित नागपुर, अकोला, अमरावती, पुणे और मुंबई से बड़ी संख्या में धम्मभगिनियों एवं प्रबुद्ध महिलाओं ने सफेद वस्त्र धारण कर भाग लिया।

विशेष बात यह रही कि कार्यक्रम में सभी जाति, धर्म और समाज के विभिन्न वर्गों की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज कर सामाजिक एकता और समरसता का संदेश दिया। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. स्मृत्ति रामटेके उपस्थित रहीं। मंच पर भीम की बेटियां संस्था की अध्यक्षा डॉ. मंजुषा रंगारी, सचिव डॉ. मृणालिनी फुले, डॉ. चंचल खोब्रागडे, डॉ.योगिता वाणे तथा डॉ. सुचिता वाघमारे मौजूद थीं।

भंडारा में बौद्ध महिला परिषद

साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, भंडारा के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप मेघरे ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रथम सत्र में बौद्ध विचारधारा पर चर्चा कार्यक्रम के पहले वैचारिक सत्र में र में भिक्खुनी सुनिती एवं भिक्खुनी विजयामैत्रीय ने प्रारंभिक बौद्ध काल में महिलाओं की भूमिका तथा भिक्खुनी संघ की वर्तमान स्थिति और चुनौतियों पर प्रकाश डाला। डॉ. शुभांगिनी सतदेवे द्वारा प्रस्तुत बुद्ध गीत ने उपस्थितजनों में धम्म चेतना का संचार किया।

समानता और सामाजिक न्याय पर विचार

तीसरे सत्र में डॉ। दीप्ती किरतकर, रोशनी गायकवाड एवं वनश्री वणकर ने लैंगिक समानता, धम्म और सामाजिक न्याय पर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं युविका साखरवाडे ने प्रभावशाली पोवाड़ा प्रस्तुत कर उपस्थितजनों का उत्साह बढ़ाया, चौथे एवं समापन सत्र में दिल्ली की प्रसिद्ध लेखिका मीनाक्षी इंगळे ने आर्ट ऑफ लिविंग विषय पर मार्गदर्शन दिया। इसके बाद सेवानिवृत्त प्राचार्या प्रेमा सुखदेवे के नेतृत्व में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसके साथ परिषद का समापन हुआ।

देशभर से पहुंचीं धम्मभगिनियां और महिला डॉक्टर

कार्यक्रम में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (BAHO) के सचिव डॉ. मोहन तांबे, डॉ.उज्ज्वला तांबे, डॉ. सुचेता भोवते मेश्राम, डॉ.शर्मिला राऊत तथा डॉ. प्रियंका नागदेवे ने भी उपस्थित रहकर अपने विचार साझा किए। परिषद के सफल आयोजन में डॉ. मंजुषा रंगारी, डॉ. मृणालिनी फुले, डॉ. चंचल खोब्रागडे, डॉ. योगिता वाणे, डॉ. सुचिता वाघमारे, डॉ. शामला चव्हाण, डॉ. ज्योती गणवीर तथा कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शुभांगिनी सतदेवे और हेमा गजभिये सहित अनेक कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। महिला सशक्तिकरण, बौद्ध वैचारिक जागरूकता और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाली इस परिषद की सभी स्तरों पर सराहना की जा रही है।

महिलाओं के अधिकारों पर मिला मार्गदर्शन

दूसरे सत्र में अधिवक्ता शरयू, जिला सूचना अधिकारी शैलजा वाघ तथा पुलिस निरीक्षक ममता नंदागवली ने महिलाओं के कानूनी अधिकार, मीडिया की भूमिका और बाल शोषण जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया। शैलजा वाघ ने सोशल मीडिया पर महिलाओं की बदलती छवि और उसमें आवश्यक सुधारों पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर डॉ. अनिश्का खोब्रागडे ने एकल अभिनय प्रस्तुत कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।

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