सोलर पंप (सोर्स: सोशल मीडिया) 
भंडारा

भंडारा के 4,411 किसानों को मिले सौर कृषि पंप, डीजल खर्च से मिला छुटकारा

Bhandara News: भंडारा जिले में कुसुम-बी योजना के तहत अब तक 4,411 किसानों को सौर कृषि पंप मिले। किसानों को दिनभर मुफ्त बिजली, कम रखरखाव और डीजल पर निर्भरता से छुटकारा मिलेगा।

आकाश मसने

Bhandara Solar Pump Benefit News: भंडार जिले में किसानों के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने का काम तेजी से जारी है। भविष्य में बिजली आपूर्ति बाधित होने या डीजल पंपों का खर्च बढ़ने की स्थिति में सिंचाई प्रभावित न हो, इसके लिए प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना के तहत सौर कृषि पंप स्थापित किए जा रहे हैं।

भंडारा जिले में अब तक महावितरण के माध्यम से 2,643 और महाऊर्जा के जरिए 1,768 कुल 4,411 किसानों को पंप उपलब्ध कराए गए हैं। शेष कार्य प्रगति पर है। सौर पंप के फायदे की बात करें तो किसानों को दिनभर मुफ्त बिजली उपलब्ध होती है।

सिंचाई के लिए डीजल या पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटती है। रखरखाव खर्च बहुत कम है। तार टूटने या पोल गिरने से होने वाले हादसों का खतरा भी कम हो जाता है। सामान्य वर्ग के किसानों को 90% और अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को 95% अनुदान दिया जाता है। शेष राशि किसानों को स्वयं भरनी होती है।

3 एचपी पंप पर 22,971 रुपये, 5 एचपी पर 32,075 रुपये और 7.5 एचपी पंप पर 44,132 रुपये खर्च आता है। आवेदन, दस्तावेज अपलोड, लाभार्थी हिस्सा जमा करने और सप्लायर चयन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध है।

महावितरण और महाऊर्जा ने दिए पंप

महावितरण की ओर से 2,653 पात्र किसानों में से 2,643 को पंप मिले। महाऊर्जा की ओर से 1,851 पात्र किसानों में से 1,768 को पंप दिए गए। कुल लाभार्थी 4,411 किसान है। शेष पंप स्थापना कार्य जारी है। भंडारा जिले की 1,974 सरकारी इमारतों में से अब तक 285 इमारतों पर सौर संयंत्र लगाए गए हैं।

957 इमारतें तकनीकी रूप से अपात्र पाई गईं, जबकि 647 इमारतें पात्र हैं। इनके लिए 2.4 मेगावॉट क्षमता का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही कार्यान्वयन शुरू होगा। सौर पंप से किसानों को दिन में भी सिंचाई करना संभव होगा। बिजली कटौती, कम वोल्टेज या सिंगल फेज की समस्या से छुटकारा मिलेगा। साथ ही बिजली बिल और डीजल खर्च भी नहीं लगेगा।

कुसुम-बी योजना का उद्देश्य किसानों की ऊर्जा जरूरतें पूरी करते हुए स्थायी जीवनशैली को प्रोत्साहन देना है। इसके माध्यम से पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता घटेगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। योजना से किसानों की उत्पादन क्षमता व आय में वृद्धि होने की संभावना है।

आज विशेष कार्यशाला

किसानों को सौर योजनाओं की विस्तृत जानकारी देने के लिए शुक्रवार, 26 सितंबर को डीपीसी हॉल, भंडारा में सुबह 11.30 से शाम 5 बजे तक विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना और प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के बारे में मार्गदर्शन किया जाएगा। आयोजन नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, आरईसी और जर्मन संस्था GIZ की पहल पर तथा महावितरण और महाऊर्जा के संयुक्त तत्वावधान में होगा।

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