फ्लाई ऐश से सड़क निर्माण (सोर्सः सोशल मीडिया)
भंडारा

भंडारा-गडचिरोली एक्सप्रेस-वे के निर्माण में इस्तेमाल होगी 1.14 करोड़ मीट्रिक टन फ्लाई ऐश

Fly Ash Road Construction: भंडारा-गडचिरोली एक्सप्रेस-वे के निर्माण में 1.14 करोड़ मीट्रिक टन फ्लाई ऐश का उपयोग प्रस्तावित है। 4 परियोजनाओं के लिए 6.17 करोड़ मीट्रिक टन राख इस्तेमाल करने की योजना है।

आंचल लोखंडे

Highlights

  • भंडारा-गडचिरोली एक्सप्रेस-वे सहित विदर्भ की प्रमुख सड़क परियोजनाओं में फ्लाई ऐश का इस्तेमाल किया जाएगा।

  • चार सड़क परियोजनाओं के लिए जनवरी 2027 से दिसंबर 2028 तक कुल 6.17 करोड़ मीट्रिक टन राख के उपयोग की योजना है।

  • भंडारा-गडचिरोली एक्सप्रेस-वे के लिए 1.14 करोड़ मीट्रिक टन फ्लाई ऐश प्रस्तावित है।

Bhandara Gadchiroli Expressway: भंडारा जिले सहित संपूर्ण पूर्वी विदर्भ के बुनियादी ढांचे को एक नई दिशा देने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसला लिया गया है। क्षेत्र की प्रस्तावित महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं विशेषकर भंडारा-गडचिरोली एक्सप्रेस-वे और खनिज परिवहन मार्गों के निर्माण में थर्मल पावर प्लांटों से निकलने वाली राख (फ्लाई ऐश) का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा।

इस पहल से एक ओर जहां हमारे जिले की मुख्य सड़कों की मजबूती और टिकाऊपन में अभूतपूर्व सुधार होगा, वहीं दूसरी ओर पावर प्लांटों से उत्पन्न राख के सुरक्षित निस्तारण और पर्यावरण संरक्षण को भी बड़ी मजबूती मिलेगी। इसी रणनीतिक उद्देश्य के तहत महानिर्मिती और महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) के बीच ऊर्जा राज्य मंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर की मौजूदगी में एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

0.15 करोड़ मीट्रिक टन राख का उपयोग

इस समझौते के अनुसार जनवरी 2027 से दिसंबर 2028 की अवधि के दौरान विदर्भ की विभिन्न सड़क विकास परियोजनाओं के लिए कुल 6.17 करोड़ मीट्रिक टन राख का उपयोग प्रस्तावित है। इसमे भंडारा-गडचिरोली एक्सप्रेस-वे के लिए अकेले 1.14 करोड़ मीट्रिक टन राख का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त हमारे नजदीकी संपर्क मार्गों जैसे नागपुर-गोंदिया एक्सप्रेस-वे के लिए 2.09 करोड़ मीट्रिक टन, नागपुर-चंद्रपुर एक्सप्रेस-वे के लिए 2.79 करोड़ मीट्रिक टन और नवेगांव मोरे-सूरजागढ़ खनिज परिवहन मार्ग के लिए 0.15 करोड़ मीट्रिक टन राख का उपयोग तय हुआ है।

कोराडी तथा खापरखेड़ा से मिलेगी राख:

स्थानीय स्तर पर आपूर्ति को सुचारु और बाधारहित बनाए रखने के लिए भंडारा और नागपुर क्षेत्र की नजदीकी निर्माण परियोजनाओं को पास के कोराडी तथा खापरखेड़ा थर्मल पावर स्टेशनों से राख उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि चंद्रपुर क्षेत्र के मार्गों के लिए चंद्रपुर पावर प्लांट से आपूर्ति होगी। जमीनी स्तर पर काम को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए महानिर्मिती, एमएसआरडीसी और अधिकृत निर्माण ठेकेदारों के बीच अलग से त्रिपक्षीय करार भी किए जाएंगे।

परियोजना साबित होगी फायदेमंद, राख का निपटान

यह समझौता 31 मार्च 2032 तक लागू रहेगा। भंडारा जिले के नागरिकों और व्यवसायियों के लिए यह परियोजना अत्यंत फायदेमंद साबित होगी, क्योंकि इससे अंतर जिले आवागमन सुगम होगा, व्यापार को गति मिलेगी और पर्यावरण के अनुकूल तकनीक से जिले का समग्र ढांचागत विकास संभव हो सकेगा।

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