भंडारा जिले के 1,374 किसानों के नाम तीसरी कर्जमाफी सूची में शामिल।
पहली सूची में 22,336 और दूसरी सूची में 2,591 किसान शामिल किए गए थे।
पात्र किसानों की सूची ग्राम पंचायत, सहकारी सेवा समिति और बैंक शाखाओं में उपलब्ध।
एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण के बाद बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण जरूरी।
सफल प्रमाणीकरण के बाद स्वीकृत राशि DBT के जरिए ऋण खाते में जमा होगी।
Bhandara Farmer Loan Waiver Biometric Aadhaar Authentication: पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमाफी योजना 2026 के तहत भंडारा जिले के 1,374 पात्र किसानों की तीसरी सूची जारी की गई है। किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण और आपले सरकार सेवा केंद्र में बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य है। OTP के जरिए प्रमाणीकरण की सुविधा नहीं है।
भंडारा, पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर किसान कर्जमाफी योजना 2026 के तहत भंडारा जिले के 1,374 पात्र किसानों की तीसरी सूची जारी की गई है। जिला उपनिबंधक विलास देशपांडे ने सूची में शामिल किसानों से जल्द से जल्द बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा करने की अपील की है, ताकि उन्हें योजना का लाभ मिल सके।
राज्य सरकार ने 2 जून 2026 को शासन निर्णय जारी कर इस योजना की घोषणा की थी। योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए महाआईटी द्वारा विकसित पोर्टल पर जिले के कुल 30,594 ऋण खातों की जानकारी अपलोड की गई है।
इससे पहले जारी पहली सूची में 22,336 और दूसरी सूची में 2,591 पात्र किसानों को शामिल किया गया था। अब तीसरी सूची में 1,374 किसानों के नाम घोषित किए गए हैं।
पात्र किसानों की सूची संबंधित ग्राम पंचायतों, विविध कार्यकारी सेवा सहकारी समितियों और स्थानीय बैंक शाखाओं में उपलब्ध कराई गई है। किसान इन स्थानों पर जाकर सूची में अपना नाम और पात्रता की पुष्टि कर सकते हैं।
योजना के लिए पात्र किसानों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आधार प्रमाणीकरण पूरा करने के संबंध में SMS भेजे जा रहे हैं। प्रत्येक किसान को एक विशिष्ट पहचान संख्या भी दी गई है।
आधार प्रमाणीकरण से पहले किसान का एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण होना जरूरी है। इसके बाद किसान नजदीकी आपले सरकार सेवा केंद्र में जाकर ई-केवाईसी के तहत बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करा सकते हैं।
प्रशासन के अनुसार, प्रमाणीकरण के लिए फिंगरप्रिंट यानी अंगूठे के निशान का इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रक्रिया में OTP के जरिए प्रमाणीकरण का विकल्प उपलब्ध नहीं है।
बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद ही योजना के तहत स्वीकृत राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से संबंधित किसान के ऋण खाते में जमा की जाएगी।
जिला उपनिबंधक विलास देशपांडे ने पात्र किसानों से अपील की है कि वे सूची में अपना नाम जांचकर पंजीकरण और आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया बिना देरी पूरी करें।