Highlights:
भंडारा जिले में 30,401.80 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों को 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 76,311 खातेदार फसल नुकसान से प्रभावित हुए हैं।
ट्रिगर-1 के अंतर्गत जिले की पांच तहसीलों के 693 गांव शामिल किए गए हैं।
Bhandara Drought Affected Villages: बारिश की कमी और सूखे जैसी स्थिति के कारण जिले में कृषि फसलों को हुए नुकसान की गंभीर तस्वीर सामने आई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जिले में 30,401.80 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलों का 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है। इससे 76,311 खातेदार प्रभावित हुए हैं।
ट्रिगर-1 के अंतर्गत जिले की पांच तहसीलों के 693 गांवों को शामिल किया गया है। अब फसल नुकसान के पंचनामों को पूरा करने, क्षति का वस्तुनिष्ठ आकलन करने और पात्र किसानों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण हो गई है।
14 अक्टूबर तक जिले के 333 गांवों में फसल नुकसान के पंचनामे पूरे किए गए थे। इन गांवों में 53,121 हेक्टेयर क्षेत्र और 83,938 खातेदारों का रिकॉर्ड दर्ज किया गया था। 15 अक्टूबर की प्रगतिशील जानकारी के अनुसार, पंचनामों की प्रक्रिया में अब तक 402 गांव शामिल हो चुके हैं।
इनकी दर्ज जानकारी के मुताबिक, 75,207.89 हेक्टेयर क्षेत्र और 1,30,776 खातेदारों का रिकॉर्ड सामने आया है। कुल गांवों की तुलना में पंचनामों की प्रगति 58 प्रतिशत, क्षेत्रफल के आधार पर 50 प्रतिशत और खातेदारों के आधार पर 53 प्रतिशत बताई गई है। जिले में विभिन्न फसलों के अंतर्गत कुल बुवाई और रोपाई का क्षेत्र 1,51,306.99 हेक्टेयर है, जबकि कुल खातेदारों की संख्या 2,44,466 है।
कम बारिश और शासन द्वारा निर्धारित मानदंडों के आधार पर पहले चरण में भंडारा, पवनी और लाखांदूर इन तीन तहसीलों को सूखाग्रस्त क्षेत्र में शामिल किया गया था। इसके बाद 14 अक्टूबर को दूसरे चरण में मोहाड़ी और तुमसर तहसीलों को भी इसमे शामिल किया गया। इन दोनों तहसीलों में सर्वेक्षण की प्रक्रिया अब शुरू हुई है। जिलाधिकारी सावन कुमार ने संबंधित विभागों को फसल नुकसान के पंचनामे तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी खेतों में जाकर फसलों का निरीक्षण कर रहे हैं। अपर जिलाधिकारी और तहसीलदार भी स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। पंचनामे पूरे होने के बाद नुकसान की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके पश्चात निर्धारित मानदंडों के अनुसार पात्र किसानों को आर्थिक सहायता और अन्य रियायतें देने की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मोहाड़ी और तुमसर तहसीलों में सर्वेक्षण तथा पंचनामे पूरे होने के बाद जिले में फसल नुकसान की स्थिति और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।