प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
भंडारा

सुरक्षा पर सवाल: भंडारा के बालगृह से 3 नाबालिग रहस्यमयी ढंग से लापता, दो टीमें तलाश में जुटीं

Children Home Escape: भंडारा के आमगांव-दिघोरी स्थित आश्रय बालगृह से तीन नाबालिग लड़कियां आधी रात लापता हो गईं। कारधा पुलिस ने केस दर्ज कर दो टीमें गठित की हैं, लेकिन अभी कोई सुराग नहीं मिला।

अंकिता पटेल

Bhandara Child Shelter Case: भंडारा तहसील के आमगांव/दिघोरी स्थित आश्रय बालगृह से तीन नाबालिग लड़कियों के रहस्यमयी तरीके से लापता होने की घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। यह घटना 1 फरवरी को मध्यरात्रि करीब 2:45 बजे की बताई जा रही है। सुरक्षा के दावों के बीच बालगृह से एक साथ तीन छात्राओं का गायब होना प्रशासन और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कारधा धाने में केस दर्ज कर व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। आमगांव (दिघोरी) में पंकज सुखदेवे की ओर से संचालित इस बालगृह में कुल 25 छात्राएं निवास कर रही थीं। 1 फरवरी की रात जब पूरा परिसर सो रहा था, तभी तीन नाबालिग लड़कियां बिना किसी को भनक लगे वहां से बाहर निकल गई।

लापता लड़कियों की पहचान वैष्णवी शत्रुघ्न सार्वे (निवासी झवाडा), श्रेया विलास हुमने (निवासी गोंडसावरी) और ज्ञानेश्वरी (निवासी गोंडसावरी) के रूप में हुई है। सुबह जब छात्राएं अपनी जगह पर नहीं मिलीं, तब प्रबंधन को इस बात की जानकारी हुई।

काफी तलाश करने के बाद भी जब उनका कहीं पता नहीं चला, तब पुलिस को सूचित किया गया। कारधा पुलिस थाना प्रभारी गोकुल सूर्यवंशी ने बताया कि लड़कियों की तलाश के लिए पुलिस की दो विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

हालांकि, अभी तक किसी भी लड़की का सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि तीनों लापता लड़कियों के पास मोबाइल फोन नहीं है, जिससे उन्हें ट्रैक करना या उनकी लोकेशन पता करना कठिन हो रहा है।

अपहरण की आशंका, परिजनों में भारी रोष

बालगृह संचालक पंकज सुखदेवे की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बहला-फुसलाकर ले जाने (अपहरण) का मामला दर्ज किया है। इस घटना के बाद बालगृह में रह रही अन्य छात्राओं के अभिभावकों में भी डर और चिंता का माहौल है।

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल दो अन्य छात्रों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद पुलिसकर्मी कांचन टेंभुर्णे और विकास जाधव ने वहां मौजूद कर्मचारियों से कड़ी पूछताछ की है।

बालगृह की सुरक्षा चल रही राम भरोसे ?

इस घटना ने जिले के इस बालगृह की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। सवाल यह उठ रहा है कि रात के समय बालगृह में कोई गार्ड या वार्डन तैनात था या नहीं? यदि छात्राएं बाहर निकलीं, तो इसकी भनक किसी को क्यों नहीं लगी? फिलहाल, पुलिस की टीमें अलग-अलग दिशाओं में भेजी गई हैं।

पुलिस को संदेह है कि लड़कियां किसी परिचित के पास जा सकती हैं या उन्हें किसी ने गुमराह किया है।

लेकिन अभी तक वह किसी परिचित के घर नहीं पहुंची है। मामले की आगे की जांच पुलिसकर्मी कांचन टेंभुर्णे कर रही हैं

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