महाराष्ट्र

भंडारा में जलसंकट की आहट, सूर नदी सूखी; बावनथडी बांध से पानी छोड़ने की मांग

भंडारा जिले में मार्च में जलस्तर 55% तक गिर गया है। गर्मी की फसलों के लिए पानी की कमी चिंता का विषय बन गई है। जानें स्थिति के बारे में।

नवभारत डेस्क

Bhandara News: मार्च महीने की शुरुआत में ही तेज गर्मी का असर दिखाई देने लगा है और भंडारा जिले का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। कड़ी धूप के कारण जिले के मध्यम, लघु और पुराने मालगुजारी जल परियोजनाओं में पानी का भंडार तेजी से कम होने लगा है।

12 मार्च की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, जिले की कुल 63 परियोजनाओं में औसतन 55.43 प्रतिशत उपयोगी जल भंडार शेष है। पिछले वर्ष इसी समय यह आंकड़ा 88.84 प्रतिशत था, जिससे इस वर्ष की स्थिति चिंताजनक मानी जा रही है।

मोहाडी तहसील में पानी की किल्लत भीषण गर्मी शुरू होने से पहले ही दिखाई देने लगी है। गांव की जीवनरेखा मानी जाने वाली सूर नदी सूख जाने से बावनथडी बांध से पानी छोड़ने की मांग उठ रही है। नदी में रेत उत्खनन और बढ़ते तापमान के कारण भूजल स्तर भी तेजी से नीचे जा रहा है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।

मध्यम परियोजनाओं की स्थिति भी चिंताजनक है। जिले की चार मध्यम परियोजनाओं की कुल क्षमता 42.815 दलघमी है, जिसमें फिलहाल केवल 19.866 दलघमी 46.39 प्रतिशत पानी शेष है।

गर्मी के धान की खेती के क्षेत्र में पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। भंडारा जिले में गर्मी के धान की खेती का क्षेत्र काफी बड़ा है और इस समय फसलों को पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।

इस प्रकार, भंडारा जिले में जल संकट की स्थिति गंभीर होती जा रही है, जिससे किसानों और स्थानीय निवासियों के लिए चुनौतियाँ बढ़ रही हैं।

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