बीड जिले रूटी झील पूरी तरह से सूख गई है।
मंत्री नितेश राणे ने रूटी झील का जायजा लिया।
इस साल मछली उत्पादन शून्य होने से मछुआरे भारी संकट में।
मंत्री नितेश राणे ने सरकारी मदद का भरोसा दिया।
फसल नुकसान की तर्ज पर मछुआरों के नुकसान का भी होगा औपचारिक पंचनामा।
Nitesh Rane Beed Ruti Lake Visit: महाराष्ट्र में कम बारिश के कारण उत्पन्न हुए गंभीर सूखे जैसे हालात का असर अब कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन क्षेत्र पर भी बुरी तरह दिखने लगा है। बीड जिले के आष्टी तालुका में स्थित क्षेत्र की सबसे बड़ी रूटी झील (Ruti Lake) पूरी तरह सूख चुकी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए राज्य के मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने शुक्रवार को रूटी जलाशय स्थल पर पहुंचकर जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और प्रभावित मछुआरा समुदाय से सीधा संवाद किया।
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि पिछले साल रूटी जलाशय से अपनी कुल अनुमानित क्षमता का लगभग 62% मछली उत्पादन प्राप्त हुआ था। लेकिन इस वर्ष भीषण सूखे के कारण जलस्तर पूरी तरह समाप्त हो गया है। इसके परिणामस्वरूप, जलाशय में छोड़े गए मछली के बच्चे (फिंगरलिंग्स) तड़प-तड़पकर मर गए और चालू वर्ष में मछली उत्पादन शून्य हो गया है। इससे स्थानीय मछुआरा समुदाय के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय मछुआरों को ढांढस बंधाते हुए मंत्री नितेश राणे ने कहा कि इस कठिन घड़ी में मछुआरा समुदाय बिल्कुल हिम्मत न हारे। सरकार पूरी तरह से आपके साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
मंत्री नितेश राणे ने मौके पर मौजूद संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे मछुआरों को हुए आर्थिक नुकसान का तत्काल और औपचारिक पंचनामा तैयार करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस प्रकार फसलों के नुकसान पर किसानों को मुआवजा दिया जाता है, ठीक उसी तर्ज पर मछुआरों को भी राहत राशि प्रदान की जाएगी।
भविष्य में जल भंडारण क्षमता और मत्स्य उत्पादन बढ़ाने के लिए नितेश राणे ने रूटी झील में जमा गाद (सिल्ट) को निकालने की बात कही। उन्होंने कहा कि झील से व्यवस्थित तरीके से गाद हटाने के लिए कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड का उपयोग करने के प्रयास किए जाएंगे।
मंत्री नितेश राणे ने याद दिलाया कि महाराष्ट्र देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जो मत्स्य पालन को कृषि का आधिकारिक दर्जा देता है। उन्होंने लोगों से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में चलाई जा रही मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने भरोसा जताया कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार मछुआरों की सभी वाजिब मांगों को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
महाराष्ट्र के मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्री नितेश राणे के दौरे के दौरान स्थानीय विधायक सुरेश धस, मत्स्य आयुक्त भानुदास पालवे, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय मछुआरे उपस्थित रहे।