Beed Vilas Ghule Murder Case Saurabh Sonwane Clarification: महाराष्ट्र के बीड जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक होटल मालिक की बेरहमी से की गई हत्या ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। केज तहसील के टाकली गांव में हुए इस विलास घुले हत्याकांड में नया मोड़ तब आया, जब पुलिस के पूरक जवाब में स्थानीय सांसद बजरंग सोनवणे के बेटे सौरभ सोनवणे का नाम शामिल किया गया। इस खुलासे के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है और आरोपों के घेरे में आए सौरभ सोनवणे ने खुद सामने आकर अपनी सफाई पेश की है।
घटना के अनुसार, विलास घुले टाकली इलाके में एक होटल चलाते थे। 20 जून की शाम उनके होटल के बाहर दो गुटों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद को बढ़ता देख विलास बीच-बचाव करने और झगड़ा शांत कराने के लिए वहां पहुंचे थे। हालांकि, हमलावरों का गुस्सा शांत होने के बजाय और भड़क गया और 8 से 9 लोगों की टोली ने विलास पर ही जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने विलास के पेट में चाकू घोंपकर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी, जिसका रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
हत्याकांड में नाम आने के बाद सौरभ सोनवणे ने एक वीडियो के जरिए अपना पक्ष रखा और सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। सौरभ का कहना है कि जिस समय यह हत्या हुई, उस समय वह वहां मौजूद ही नहीं थे। उन्होंने अपने दिन भर के घटनाक्रम का विवरण देते हुए बताया कि घटना वाले दिन वह येडेश्वरी कारखाने पर थे और दोपहर में वहां से सीधे अपने घर आ गए थे। सौरभ ने दावा किया है कि पुलिस द्वारा जांचे गए सीसीटीवी फुटेज में भी उनकी गाड़ी घर के पास खड़ी देखी गई है। उन्होंने पुलिस से अपने कॉल रिकॉर्ड्स की भी जांच करने की अपील की है ताकि सच्चाई सामने आ सके। सौरभ ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और वह किसी भी तरह की पूछताछ का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
इस संवेदनशील मुद्दे पर सांसद बजरंग सोनवणे ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर इस हत्याकांड में उनके बेटे की रत्ती भर भी संलिप्तता पाई जाती है, तो सरकार को उस पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इस हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। आईपीएस वेंकटराम की अध्यक्षता में बनी यह विशेष जांच टीम अब विलास घुले हत्याकांड की तह तक जाएगी। पुलिस अब तक इस मामले में 9 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और अब सांसद के बेटे की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है। केज तहसील में इस घटना के बाद से तनाव का माहौल है और स्थानीय नागरिकों ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग को लेकर रास्ता रोको प्रदर्शन भी किया है।