NSA अजीत डोभाल और असदुद्दीन ओवैसी, फोटो- सोशल मीडिया 
औरंगाबाद

NSA अजीत डोभाल पर ओवैसी का तीखा हमला: बोले- 'इतिहास में कमजोर हैं डोभाल', चोल राजाओं को लेकर क्या कहा?

Maharashtra Local Body Elections: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने NSA अजीत डोभाल के 'इतिहास का बदला' लेने वाले बयान की आलोचना की है। उन्होंने डोभाल के ऐतिहासिक ज्ञान और उनके दावों पर सवाल उठाए हैं।

प्रतीक पाण्डेय

Owaisi on NSA Ajit Doval: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को निशाने पर लिया। ओवैसी ने डोभाल के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि भारत ने कभी दूसरे देशों पर हमला नहीं किया।

असदुद्दीन ओवैसी ने अजीत डोभाल के उस हालिया बयान पर पलटवार किया जिसमें उन्होंने युवाओं से गुलामी के दर्दनाक इतिहास का 'बदला' लेने की बात कही थी। ओवैसी ने जनसभा में कहा कि डोभाल इतिहास के विषय में "कमजोर" मालूम पड़ते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि डोभाल का यह दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है कि भारत ने कभी विदेशी भूमि या सभ्यताओं पर हमला नहीं किया। ओवैसी के अनुसार, भारत के महान चोल राजवंश के राजाओं ने अपनी शक्ति का विस्तार करते हुए आज के श्रीलंका, मालदीव, इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड जैसे क्षेत्रों पर शासन किया था, जो इस बात का प्रमाण है कि भारतीय शासकों ने सीमाओं के बाहर भी अपनी सत्ता स्थापित की थी।

गांधी के हत्यारे और कौरवों पर दागे सवाल

NSA के 'बदले' वाले आह्वान पर तंज कसते हुए ओवैसी ने पूछा कि अगर अतीत की घटनाओं के लिए आज के दौर के लोगों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, तो यह सिलसिला कहां जाकर रुकेगा? उन्होंने सवाल किया, "अगर आज यह कहा जा रहा है कि इतिहास का बदला लो, तो महात्मा गांधी के हत्यारे का धर्म क्या था?" ओवैसी ने महाभारत का संदर्भ देते हुए आगे कहा कि अगर इसी तर्क से चलना है, तो फिर कौरवों द्वारा किए गए अत्याचारों का बदला कौन लेगा? उन्होंने चेतावनी दी कि इतिहास के नाम पर जिम्मेदारी तय करने की यह कहानी बहुत पीछे तक जा सकती है।

RSS और सुरक्षा तंत्र पर भी साधा निशाना

अपने संबोधन के दौरान ओवैसी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान पर भी सवालिया निशान लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ संस्थापक केबी हेडगेवार को ब्रिटिश शासन का विरोध करने के लिए नहीं, बल्कि खिलाफत आंदोलन का समर्थन करने के लिए जेल भेजा गया था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने छत्रपति संभाजीनगर में बांग्लादेशी प्रवासियों की मौजूदगी के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। ओवैसी ने कहा कि यदि इलाके में कोई घुसपैठिया मिलता है, तो यह केंद्र की मोदी सरकार की नाकामी है, क्योंकि पुलिस, खुफिया विभाग और सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हीं की है।

चुनाव की गहमागहमी और डोभाल का मूल बयान

यह पूरी जुबानी जंग 15 जनवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों के प्रचार के आखिरी दिन देखने को मिली। ज्ञात हो कि अजीत डोभाल ने पिछले शनिवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि भारत को आर्थिक और सैन्य रूप से इतना मजबूत होना चाहिए कि वह अपने अपमानजनक इतिहास का "बदला" ले सके। डोभाल ने इस बात पर जोर दिया था कि सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी के कारण ही भारत को अतीत में गुलामी झेलनी पड़ी थी।

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