Chhatrapati Sambhajinagar Illegal Hoarding Removal Tragedy: छत्रपति संभाजीनगर शहर में अवैध होडिंग हटाने की कार्रवाई के दौरान करंट लगने से महानगपालिका के एक सफाई कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि दूसरा कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया।
यह हादसा मुकुंदवाड़ी क्षेत्र के हनुमान मंदिर परिसर में शनिवार सुबह लगभग साढ़े सात बजे हुआ। मनपा के जोन क्रमांक 6 के अंतर्गत सहायक आयुक्त के निर्देश पर एक टीम अवैध लोहे की फ्रेम वाले होर्डिंग को हटाने पहुंची थी।
यह होडिंग एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं द्वारा लगाया गया बताया गया है। कार्रवाई के दौरान होर्डिंग का संपर्क ऊपर से गुजर रही उच्चदाब विद्युत तार से हो गया।
अचानक तेज करंट लगने से अमोल दिनकर जाधव (27) गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि उनके साथ काम कर रहे रवींद्र रणधीर रिडलॉन उम्र 38 वर्ष घायल हो गए।
दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने अमोल जाधव को मृत घोषित कर दिया। रवींद्र रिडलॉन का एक निजी अस्पताल में उपचार जारी है। इस घटना से मनपा कर्मचारियों में शोक और आक्रोश व्याप्त है।
महेंद्र लक्ष्मण श्रीखंडे की ने ने शिकायत पर मुकुंदवाड़ी पुलिस थाने में संबंधित मनपा अधिकारी, सुपरवाइजर शिव शाम काले तथा होर्डिंग लगाने वालों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। घटना के बाद कर्मचारी संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि अवैध होर्डिंग लगाने वालों और जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। केवल औपचारिक कार्रवाई के कारण नियमों का उल्लंघन बढ़ रहा है और कर्मचारियों की जान जोखिम में डाली जा रही है। महापौर समीर राजूरकर ने अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी ली और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मनपा आयुक्त जी। श्रीकांत ने भी स्पष्ट किया कि अवैध होर्डिंग लगाने वालों के विरुद्ध मामला दर्ज किया जाएगा।
जी. श्रीकांत अमोल जाधव सात महीने पहले अनुकंपा आधार पर सफाई कर्मचारी के रूप में नियुक्त हुए थे। उनके परिवार में वृद्ध माता पिता, पत्नी तथा तीन वर्ष और सात माह की दो बेटियां हैं। परिवार का एकमात्र सहारा छिन जाने से क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है।
मनपा द्वारा सफाई कर्मचारियों के लिए कराए गए बीमा के अंतर्गत उनके परिवार को 1 करोड़ 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस घटना ने शहर में अवैध होर्डिंग के मुद्दे को फिर से गंभीर बना दिया है। न्यायालय के निर्देशों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई न होने पर प्रश्न उठ रहे हैं। नागरिकों की नजर अब प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी है।
मनपा के सहायक आयुका प्रसाद देशपांडे की फरियाद पर बैनर पर जिनके फोटो थे, उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। महाराष्ट्र संपत्ति विदुपीकरण के लिए प्रतिबंध अधिनियम के अंतर्गत दीपक खोतकर, प्रल्हाद गायकवाड, प्रशांत टोबरे, श्रीमत गायकवाड़, रघुनाथ पिवल, स्वप्निल उर्फ मोनू बैनर छापने वाला दुकानदार व अन्य 5 से 7 लोगी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।