एमजीएम विश्वविद्यालय की छठी वर्षगांठ उत्साह के साथ संपन्न (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
औरंगाबाद

एमजीएम विश्वविद्यालय की छठी वर्षगांठ उत्साह के साथ संपन्न, विद्यार्थियों के विकास के लिए प्रतिबद्ध

MGM University: छत्रपति संभाजीनगर के स्थानीय महात्मा गांधी मिशन विश्वविद्यालय (एमजीएम) का छठा वार्षिकोत्सव मंगलवार को विश्वविद्यालय के रुक्मिणी सभागार में गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में उत्साहपूर्ण

आंचल लोखंडे

Chhatrapati Sambhajinagar News: एमजीएम विश्वविद्यालय ने अपने छह वर्षों के कार्यकाल में अपार सफलताएं अर्जित की हैं। मुझे विश्वास है कि एमजीएम विश्वविद्यालय आने वाले दशक में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा अर्जित करेगा। यह एक छात्र-केंद्रित विश्वविद्यालय है और यहां छात्रों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा दिया जाता है। छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध यह विश्वविद्यालय यहाँ गुणवत्तापूर्ण और किफायती शिक्षा प्रदान करता है। यह प्रतिपादन मुंबई विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. अजय भामरे ने यहां किया।

स्थानीय महात्मा गांधी मिशन विश्वविद्यालय (एमजीएम) का छठा वार्षिकोत्सव मंगलवार को विश्वविद्यालय के रुक्मिणी सभागार में गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुंबई विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. अजय भामरे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। मंच पर एमजीएम के उपाध्यक्ष डॉ. पी.एम. जाधव, शिक्षाविद भाऊसाहेब राजले, एमजीएम विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विलास सपकाल, कुलसचिव डॉ. आशीष गाडेकर, सभी डीन, प्रोफेसर, छात्र, एमजीएम परिवार के सभी सदस्य और सभी संबंधित गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

समझौता ज्ञापनों के कार्यान्वयन की प्रक्रिया जारी

डॉ. भामरे ने आगे कहा कि 6 वर्षों में ही एमजीएम विश्वविद्यालय ने पूरे देश में नाम रोशन करने को लेकर भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए यहां देश व विदेश से छात्र शिक्षा हासिल करने छत्रपति संभाजी नगर पहुंचने को लेकर खुशी जाहिर की। इस अवसर पर एमजीएम विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. पीएम जाधव ने कहा कि अब तक एमजीएम विश्वविद्यालय का सफर काफी सफल रहा है और विश्वविद्यालय ने छात्रों के कल्याण के लिए कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौता ज्ञापनों के कार्यान्वयन की प्रक्रिया जारी है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के चलते मिल रही सफलता

छात्रों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देना आवश्यक है। छात्रों के लिए दूसरों से नौकरी मांगने के बजाय अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना समय की मांग है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. विलास सपकाल ने कहा कि एमजीएम ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सफलतापूर्वक लागू किया है। इसके माध्यम से छात्रों को बहु-विषयक और अंतःविषय शिक्षा प्रदान की गई है। उन्हें विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की गई सुविधाओं का पूरा उपयोग करके अपना मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। अतिथियों के हाथों चिंतन गाह क्षेत्र में वृक्षारोपण किया गया। इसके बाद, ध्वजारोहण और विश्वविद्यालय गीत का गायन किया गया। मुख्य अतिथियों को एनसीसी के छात्रों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। साथ ही 'एमजीएम अवलोकन 2025' न्यूज़लेटर, 'शारंगदेव सारणी' द्विभाषी शोध पत्रिका का विमोचन किया गया।

मुंबई विश्वविद्यालय के साथ किया समझौता

बुधवार को आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में, गणमान्यों की उपस्थिति में एमजीएम विश्वविद्यालय और मुंबई विश्वविद्यालय के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौता ज्ञापन पर कुलपति प्रो। डॉ। विलास सपकाल और मुंबई विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. अजय भामरे ने हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम की प्रस्तावना कुलसचिव डॉ. आशीष गाडेकर ने दी। कार्यक्रम का संचालन प्रो. मेधा नाइक और प्रो.सरफराज अली ने किया, जबकि उप-कुलसचिव डॉ. परमिंदर कौर ने आभार माना। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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