जल संकट (सोर्स- सोशल मीडिया) 
औरंगाबाद

Marathwada water crisis: 300 के पार पहुंची टैंकरों की संख्या, 958 निजी कुओं का हुआ अधिग्रहण

Marathwada Water Crisis: मराठवाड़ा के आठों जिलों में जल संकट गहराया, टैंकरों की संख्या 308 तक पहुंची। प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए 958 निजी कुओं का अधिग्रहण किया है।

रूपम सिंह

Chhatrapati Sambhajinagar Jatwada Road Water Shortage: छत्रपति संभाजीनगर शहर के प्रभाग क्रमांक-1 अंतर्गत जटवाड़ा रोड क्षेत्र की कई बस्तियों में जल संकट गहराता जा रहा है। भीषण गर्मी के कारण हैंडपंप व अन्य जल स्रोत सूखने लगे हैं, जिससे हजारों नागरिकों को निजी पानी के टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। स्थिति का फायदा उठाकर निजी टैंकर संचालकों ने मनमानी किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। चेतना नगर, सईदा कॉलोनी, होनाजी नगर, केजीएन पार्क, सुमैरा गार्डन, फिल्टर परिसर, बशीर नगर, अंबर हिल, राज नगर व न्यू आलमगीर कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से गंभीर समस्या बनी हुई है।

नागरिकों का कहना है कि हसूल तालाब नजदीक होने के बावजूद पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। पीने के लिए लोगों को जार का पानी खरीदना पड़ रहा है, घरेलू उपयोग के पानी के लिए भी भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। टैंकर बुकिंग के बाद 12 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। उधर, शहर के साथ-साथ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किल्लत धीरे-धीरे गंभीर होती जा रही है।

सबसे अधिक टैंकरों से जलापूर्ति संभाजीनगर जिले में की जा रही है। पिछले 15 दिनों में जिले में चल रहे पानी के टैंकरों की संख्या 160 से बढ़कर 194 हो गई है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि पिछले वर्ष की तुलना में स्थिति अभी नियंत्रण में है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 380 टैंकरों से 250 गांवों व 55 बस्तियों को पानी की आपूर्ति की जा रही थी।

मानसून लेट होने पर समस्या होगी और अधिक विकराल

विभागीय आयुक्तालय के अनुसार, मराठवाड़ा के आठों जिलों के 179 गांवों व 88 बस्तियों में 20 सरकारी व 288 निजी सहित कुल 308 टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रत्येक जिले में नए टैंकरों की मांग के प्रस्ताव लगातार प्रशासन के पास पहुंच रहे है। प्रशासन का कहना है कि आगामी दिनों में बारिश में देरी होने पर जलसंकट और बढ़ सकता है, इसलिए वैकल्पिक जलस्रोतों की व्यवस्था व टैंकर आपूर्ति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।.

मराठवाड़ा में टैंकरों की संख्या पहुंची 300 के पार

मराठवाड़ा में जल संकट का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मई महीने के पहले सप्ताह में जहां क्षेत्र में 156 टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही थी, वहीं महीने के अंत तक यह संख्या बढ़कर 308 हो गई है। वर्तमान में मराठवाड़ा का कोई भी जिला टैकरमुक्त नहीं है। जालना जिले के 40 गांवों व 31 बस्तियों में 68, परभणी के 6 गांवों में 11, हिंगोली के एक गांव व तीन बस्तियों में 2। नांदेड़ के 4 गांवों व 15 बस्तियों में 14, बीड़ के 4 गांवों में 8, लातूर के 2 गांवों व एक बस्ती में 2 तथा धाराशिव जिले के 7 गांवों में 9 टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है।

958 निजी कुओं का किया गया अधिग्रहण

जल संकट से निपटने के लिए प्रशासन ने निजी जलस्रोतों का भी सहारा लेना शुरू कर दिया है। अब तक मराठवाड़ा में 958 निजी कुओं का अधिग्रहण किया जा चुका है। जिलेवार आंकड़ों के अनुसार छत्रपति संभाजीनगर में 164, जालना में 68, परभणी में 54, हिंगोली में 49, नांदेड़ में 265, बीड़ में 192, धाराशिव में 69 व लातूर में 97 निजी कुओं का अधिग्रहण किया गया है।

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