Manoj Jarange Patil On Eknath Shinde: मराठा आरक्षण आंदोलन के अगुआ मनोज जरांगे पाटिल ने राज्य की महायुति सरकार, खासकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मराठवाड़ा में चार मराठा महिला जनप्रतिनिधियों के कुनबी प्रमाण पत्र और जाति वैधता को जाति सत्यापन समिति द्वारा रद्द किए जाने के बाद जरांगे पाटिल का गुस्सा फूट पड़ा।
आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जरांगे पाटिल ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे उनसे कहीं बेहतर थे।
एकनाथ शिंदे और सांसद संदीपनराव भूमरे पर कड़ा प्रहार करते हुए जरांगे पाटिल ने कहा, "मराठों के बेटों ने आपको चुनाव जिताने के लिए दिन-रात मेहनत की, लेकिन आपने हमारे साथ धोखा किया। शिंदे साहब, हमने आपके ऊपर लगे विश्वासघात के दाग को धोने का काम किया, लेकिन आपने हमारा ही गला काटना शुरू कर दिया। अगर आप मराठों का नुकसान करेंगे, तो मैं आपकी इतनी सीटें तबाह कर दूंगा कि आपको जिंदगी भर पछतावा होगा।"
उन्होंने चेतावनी दी कि मराठा समाज के दम पर सत्ता में आए नेता अब उसी समाज का हक छीनने में लगे हैं। उन्होंने ये भी कहा कि मुझ ये कहने पर मजबूर ना करें की उद्धव ठाकरे आपसे अच्छे हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को आड़े हाथों लेते हुए जरांगे ने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र में बावनकुले के इशारे पर कुनबी प्रमाण पत्रों को खारिज किया जा रहा है।
उन्होंने पूछा, "क्या फडणवीस ने बावनकुले परिवार को इतनी शक्तियां दे दी हैं कि वे मराठों का भविष्य तय करें? फडणवीस साहब, आपने बेवजह मराठा समाज से दुश्मनी मोल ले ली है। मैं बावनकुले और फडणवीस की नीतियों के कारण शिंदे और भाजपा के 25-30 विधायकों को चुनाव में हराने का दम रखता हूं।"
जरांगे पाटिल ने दावा किया कि उन्होंने विखे पाटिल, प्रसाद लाड और उदय सामंत जैसे नेताओं से कई बार इस मुद्दे पर बात की, लेकिन सरकार की मंशा मराठों को स्थायी आरक्षण देने की नहीं दिखती।
उन्होंने आरोप लगाया कि हैदराबाद गजट और 1996 के जीआर (GR) को लेकर सरकार भ्रम फैला रही है। जरांगे ने साफ कहा कि यदि सरकार ने अपना रवैया नहीं बदला तो मराठा समाज आगामी चुनावों में इसका करारा जवाब देगा।