छत्रपति संभाजी नगर (सौ. सोशल मीडिया ) 
औरंगाबाद

Sambhaji Nagar: सचिव से गालीगलौज और मारपीट की कोशिश, कपास व्यापारी को 2 साल की जेल

Chhatrapati Sambhaji Nagar के कृषि उपज बाजार समिति के ऑफिस में घुसकर सचिव से गलत व्यवहार करने वाले कपास व्यापारी अजीज मुश्ताक पटेल को 2 साल की जेल और 25,000 रुपये का जुर्माना देना होगा।

अपूर्वा नायक

Chhatrapati Sambhaji Nagar News In Hindi: कृषि उपज बाजार समिति के कार्यालय में घुसकर सचिव से गालीगलौज व पिटाई करने की कोशिश करने के मामले में कपास व्यापारी अजीज मुश्ताक पटेल को दो वर्ष सश्रम कारावास व 25,000 रुपए दंड की सजा सुनाई गई।

इसके साथ ही, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एसजी गोरवाड़े ने दंड की राशि में से 20,000 रुपए क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। फरियादी विश्वास आनंदा पाटील 45, शिवाजी समिति में सचिव पद पर कार्यरत हैं। घोषित गारंटी दाम में किसानों का कपास खरीदने की जिम्मेदारी सरकार की है।

टाकली निवासी व्यापारी व आरोपी अजीज पटेल कई बार दूसरों के नाम से ईनगर सिल्लोड़) कृषि उपज बाजार 7/12 प्रारूप लाकर नियमबाह्य तरीके से टोकन की मांग कर रहा था। हालांकि, पाटील ने उसे स्पष्ट रूप से कह दिया था कि सरकार के नियमों के अनुसार ही प्रत्यक्ष किसानों को ही टोकन दिए जाएंगे। इससे आक्रोशित आरोपी पटेल 23 मई 2020 की दोपहर में बाजार समिति के कार्यालय में घुस गया व दरवाजे पर लात मारी, यही नहीं, पाटील के टेबल के पास कपास आवक रजिस्टर फाड़कर गालीगलौज कर धमकाया भी। सिल्लोड़ पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया था।

कोर्ट में 6 गवाहों के दर्ज किए गए बयान

मुकदमे की सुनवाई के दौरान सहायक लोकाभियोक्ता बीआर लोया ने 6 गवाहों के बयान दर्ज किए जिसमें फरियादी संग प्रत्यक्षदर्शियों के बयान अहम रहे। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी अजीज पटेल को दोषी करार देते हुए भादंसं की धारा 353 के तहत 2 वर्ष सश्रम कारावास व 25,000 रुपए दंड की सजा सुनाई।

कुमाऊं में भीषण भूस्खलन, भरभराकर गिरा पहाड़, उत्तराखंड के 7 पर्वतीय जिलों में बारिश का अलर्ट

भारत के लिए अक्टूबर कूटनीति का व्यस्त महीना, जानें कौन-सी तारीखें हैं बेहद खास

Who is Smit Machchhar? फ्लाईदुबई घटना में घायल होने के बाद भी बचाई 174 लोगों की जान

हर शनिवार को बंद रहेंगे बैंक, वित्त मंत्रालय की नोटिफिकेशन सोशल मीडिया पर वायरल, जानें क्या है सच?

स्मित मच्छार के साहस ने याद दिलाया 1986 का वो हमला, जिसमें नीरजा भनोट ने आतंकी से लड़कर बचाई थी सैंकड़ों जाने