Chhatrapati Sambhajinagar City Transformation Unit: विकसित भारत @2047 और विकसित महाराष्ट्र के लक्ष्य के अनुरूप छत्रपति संभाजीनगर को देश के अग्रणी, आधुनिक और नागरिक-केंद्रित शहरों में शामिल करने के लिए महानगरपालिका ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसके तहत सिटी ट्रांसफॉर्मेशन यूनिट का गठन किया गया है, जो शहर के दीर्घकालिक और समग्र विकास की दिशा तय करेगी।
इस पहल को तकनीकी मजबूती देने के लिए महानगरपालिका जल्द ही महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन के साथ समझौता करेगी। इसके माध्यम से शहर के विकास कार्यों की वैज्ञानिक योजना, निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।
महापौर समीर राजूरकर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सिटी ट्रांसफॉर्मेशन यूनिट ने वर्ष 2047 तक शहर के विकास का व्यापक रोडमैप प्रस्तुत किया। बैठक में स्थायी समिति सभापति अनिल मकरिये, विपक्ष के नेता अब्दुल समीर साजिद, मनपा आयुक्त अमोल येडगे, शहर अभियंता संजय कोंबडे, उप आयुक्त नंदकिशोर भोंबे, 'मित्र' संस्था के वरिष्ठ सलाहकार निखिल नानगुडे, विशेषज्ञ आनंद जोशी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में शहर के भविष्य के विकास के लिए तैयार किए गए प्रारूप में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने, पर्यटन और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण, शहर को राष्ट्रीय शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने, तकनीक आधारित शहरी प्रबंधन, ऊर्जा वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, तालाबों और जलस्रोतों के पुनर्जीवन, आधुनिक परिवहन व्यवस्था, सार्वजनिक परिवहन के विस्तार, महानगरपालिका की वित्तीय क्षमता बढ़ाने, सड़कों के आधुनिकीकरण तथा सड़क एवं पैदल यात्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्राथमिकता दी गई।
महानगरपालिका ने अपने चालू बजट में सिटी ट्रांसफॉर्मेशन यूनिट के लिए विशेष निधि का प्रावधान किया है। यह इकाई विकास परियोजनाओं की पहचान, प्राथमिकता निर्धारण, नीति निर्माण, परियोजनाओं की निगरानी, परिणामों का मूल्यांकन तथा समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगी।
इसी उद्देश्य से महाराष्ट्र शासन की 'मित्र' संस्था के साथ शीघ्र समझौता किया जाएगा। संस्था शहर विकास की दीर्घकालिक योजना तैयार करने, परियोजना प्रबंधन, तकनीकी परामर्श, डेटा आधारित निगरानी प्रणाली विकसित करने तथा विशेषज्ञ मानव संसाधन उपलब्ध कराने में सहयोग करेगी।
महापौर समीर राजूरकर ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर मराठवाड़ा का प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ औद्योगिक, शैक्षणिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण शहर है। विश्वस्तरीय विरासत, बढ़ते औद्योगिक निवेश और शैक्षणिक संस्थानों की बदौलत यह शहर देश के अग्रणी शहरों में स्थान बना सकता है। उन्होंने कहा कि सिटी ट्रांसफॉर्मेशन यूनिट के माध्यम से वर्ष 2047 तक शहर को आधुनिक, सुव्यवस्थित और नागरिकों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
स्थायी समिति सभापति अनिल मकरिये ने कहा कि विकास केवल नई परियोजनाएं शुरू करना नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत आधार तैयार करना है। सिटी ट्रांसफॉर्मेशन यूनिट के माध्यम से विकास कार्यों में पारदर्शिता, स्पष्ट दिशा और गति आएगी। जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासन के समन्वय से छत्रपति संभाजीनगर को आदर्श विकास मॉडल बनाया जाएगा।
मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने कहा कि भविष्य के शहरों के विकास में तकनीक और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। सिटी ट्रांसफॉर्मेशन यूनिट शहर के लिए एक 'थिंक टैंक' के रूप में कार्य करेगी, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकास योजना तैयार कर उसके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करेगी।
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बैठक में बताया गया कि अजंता और एलोरा की विश्व धरोहर गुफाएं, दौलताबाद किला, बीबी का मकबरा, तेजी से विकसित हो रहा औद्योगिक क्षेत्र, प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान, बढ़ती निवेश क्षमता और रणनीतिक भौगोलिक स्थिति छत्रपति संभाजीनगर की सबसे बड़ी ताकत हैं। महानगरपालिका इन सभी संभावनाओं का समन्वित उपयोग कर शहर को उद्योग, पर्यटन, शिक्षा, नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में कार्य करेगी। इससे विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने में छत्रपति संभाजीनगर की भूमिका और अधिक मजबूत होगी।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट