Sambhajinagar Digital Census: छत्रपति संभाजीनगर जनगणना 2027 के पहले चरण, स्व-गणना की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो गई है। यह चरण 1 मई से 15 मई 2026 तक चलेगा। इसके बाद 16 मई से प्रगणक घर-घर जाकर नागरिकों द्वारा दी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे।
राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री एवं जिले के संरक्षक मंत्री संजय शिरसाट ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घर आने वाले प्रगणकों को सही और सटीक जानकारी दें उन्होंने कहा कि जनगणना में सहभागिता प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है और यह प्रक्रिया देश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
जनगणना के अगले चरण में 16 मई से 14 जून 20:26 तक घरों की सूची और आवास संबंधी जानकारी एकत्र की जाएगी, जबकि फरवरी 2027 में जनसंख्या गगना का कार्य किया जाएगा, मंत्री शिरसाट ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं है, बल्कि यह देश के विकास की आधारशिला है। सरकार की योजनाएं, बजट आवंटन, शिक्षा, स्वास्था और आधारभूत सुविधाओं का नियोजन इसी आंकडों पर आधारित होता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सही और सत्य जानकारी देकर इस राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करें।
इसके पश्चात प्रश्नावली में परिवार प्रमुख और सभी सदस्यों की जानकारी सावधानीपूर्वक भरनी होगी। अंतिम चरण में पूर्वावलोकन कर जानकारी की जांच करने के बाद उसे अंतिम रूप से जमा करना होगा।
जानकारी जमा करने के बाद एक स्व-गणना पहचान संख्या प्राप्त होगी, जो एसएमएस और ईमेल के माध्यम से भेजी जाएगी। इसे सुरक्षित रखना आवश्यक है। मंत्री शिरसाट ने कहा कि जानकारी दर्ज करते समय नागरिक विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि पंजीकरण के बाद मोबाइल नंबर बदला नहीं जा सकेगा।
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प्रत्येक परिवार के लिए अलग मोबाइल नंबर का उपयोग करना आवश्यक है। संभाजीनगर जिले में जनगणना के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है। कुल 5317 प्रगणक और 739 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं, जिन्हें प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
प्रत्येक प्रगणक को लगभग 700 से 800 लोगों की जानकारी एकत्र करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।