विधायक अंबादास दानवे (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
औरंगाबाद

छत्रपति संभाजीनगर: मनपा के 100 दिनों के कामकाज पर विधायक अंबादास दानवे का तीखा हमला; दावों को बताया छलावा

Chhatrapati Sambhajinagar News: शिवसेना विधायक अंबादास दानवे ने छत्रपति संभाजीनगर मनपा के 100 दिनों के कामकाज को छलावा बताते हुए पानी किल्लत, कचरा डिपो और बाजार बंदी के मुद्दे पर प्रशासन को घेरा।

रूपम सिंह

Chhatrapati Sambhajinagar Shiv Sena Mla Ambadas: छत्रपति संभाजीनगर मनपा सत्ताधारियों के 100 दिनों के कामकाज को लेकर उबाठा विधायक अंबादास दानवे ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि शहर विकास के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन वास्तविकता में नागरिक आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। दानवे ने आरोप लगाया कि प्रशासन और सत्ताधारी केवल घोषणाओं व दिखावटी उपक्रमों में व्यस्त हैं, जबकि जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

दानवे ने कहा कि शहर में जल किल्लत गंभीर रूप ले चुकी है। कई भागों में नागरिकों को नियमित पानी नहीं मिल पा रहा है, लेकिन प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा। इसके अलावा पड़ेगांव कचरा डिपो में बार-बार आग लगने की घटनाओं पर भी उन्होंने चिंता जताई।

उनका कहना था कि इससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहे हैं। धुएं और प्रदूषण के कारण नागरिकों को सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन स्थायी समाधान निकालने के बजाय केवल अस्थायी उपाय किए जा रहे हैं।

विजन 2047 से पहले सुलझाएं सभी समस्याएं

उन्होंने अधूरी नाला सफाई पर भी सवाल उठाए और कहा कि मानसून नजदीक है, फिर भी कई हिस्सों में सफाई कार्य पूरा नहीं हुआ है। इससे बारिश के दौरान जलभराव और नागरिकों को परेशानी होने की आशंका बढ़ गई है। दानवे ने बाजार बंदी के निर्णय का विरोध करते हुए कहा कि रविवार, शुक्रवार और पीर बाजार बंद रखने का फैसला छोटे व्यापारियों, सब्जी विक्रेताओं और किसानों के लिए नुकसानदायक साबित होगा। इससे उनकी आय प्रभावित होगी और आर्थिक संकट और गहरा सकता है।

छत्रपति संभाजीनगर मनपा द्वारा पदाधिकारियों के लिए ई-कार खरीदने के निर्णय पर भी उन्होंने निशाना साधा। उनका कहना था कि जब शहर की बुनियादी समस्याएं हल नहीं हो पा रही हैं, तब इस तरह के खर्च जनता के साथ अन्याय हैं। दानवे ने हेरिटेज वॉक को लेकर भी मनपा पर श्रेय लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्षों से चल रहे उपक्रम को नए प्रोजेक्ट की तरह प्रस्तुत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण जरूरी है, लेकिन इसके साथ-साथ नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान भी प्राथमिकता होना चाहिए। दानवे ने कहा कि विजन 2047 और सिटी ट्रांसफॉर्मेशन जैसी योजनाओं से पहले शहर की मौजूदा समस्याओं को दूर करना अधिक आवश्यक है।

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