Dr. Babasaheb Ambedkar Shram Safalya Yojana: महाराष्ट्र राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष मुकेश सारवान ने महानगरपालिका प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि 25 वर्ष या उससे अधिक सेवा पूरी कर चुके सफाई कर्मचारियों को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर श्रमसाफल्य योजना के तहत स्वामित्व अधिकार के साथ निःशुल्क आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तत्काल पूरी की जाए।
इसके साथ ही वर्ग-3 से वर्ग-4 में पदावनत किए गए 30 कर्मचारियों को उनके पूर्व पद पर बहाल करने के भी निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने इन सभी मामलों में 15 दिनों के भीतर कार्रवाई कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
शुक्रवार को मनपा मुख्यालय में आयोजित बैठक में सफाई कर्मचारियों की विभिन्न लंबित समस्याओं की समीक्षा की गई। बैठक में मनपा आयुक्त अमोल येडगे, अतिरिक्त आयुक्त रणजीत पाटील, अतिरिक्त आयुक्त पिंपले, उपायुक्त नंदकिशोर भोंबे, उपायुक्त अपर्णा थेटे, उपायुक्त विकास नेवाले सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। कर्मचारी संगठनों ने आयोग के समक्ष अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपे।
आयोग ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर श्रमसाफल्य योजना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए पात्र सफाई कर्मचारियों की सूची, लंबित प्रस्तावों और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली। मुकेश सारवान ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र कर्मचारियों को योजना का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र निपटारा किया जाए।
बैठक में सीवर और दूषित नालों की सफाई के दौरान मृत्यु अथवा स्थायी रूप से दिव्यांग हुए सफाई कर्मचारियों के मामलों की भी समीक्षा की गई। आयोग ने कहा कि शासन के नियमों के अनुसार पात्र कर्मचारियों अथवा उनके परिजनों को निर्धारित मुआवजा दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई तत्काल की जाए।
आयोग ने सफाई कर्मचारियों के वारिस नियुक्ति से जुड़े लंबित मामलों को शासन के नियमों के अनुसार शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। साथ ही महानगरपालिका में स्वीकृत, भरे हुए और रिक्त पदों की जानकारी लेकर रिक्त पदों पर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
मुकेश सारवान ने स्पष्ट किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों पर 15 दिनों के भीतर कार्रवाई पूरी कर उसकी विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपी जाए। आयोग ने संकेत दिए कि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर मामले की आगे समीक्षा कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।