Amravati Kharif Sowing: अमरावती जिले में संतोषजनक बारिश के बाद खरीफ सीजन की बुवाई ने गति पकड़ ली है। किसान अब आधुनिक टोकन मशीन की सहायता से तुअर की बुआई कर रहे हैं। इस तकनीक से कम समय में सटीक बुआई, बीज और मजदूरी की बचत तथा उत्पादन लागत में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। हाल ही में हुई अच्छी बारिश के बाद खेतों में खरीफ फसलों की बुआई तेज हो गई है। विशेष रूप से तुअर की बुवाई के लिए किसान आधुनिक टोकण मशीन का उपयोग कर रहे हैं। बारिश पर पूरी तरह निर्भर इस क्षेत्र में वर्षा शुरू होते ही खेतों में किसानों की गतिविधियां बढ़ गई हैं।
एकसमान होता है फसल का अंकुरण किसानों के अनुसार टोकन मशीन के माध्यम से कम समय में सटीक और गुणवत्तापूर्ण बुआई करना संभव हो रहा है। इस मशीन से बीज निर्धारित गहराई और समान दूरी पर डाले जाते हैं, जिससे फसल का अंकुरण एकसमान होता है। इसके कारण बीज की बचत होती है, मजदूरी का खर्च कम होता है और उत्पादन बढ़ने की संभावना भी बढ़ जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों मजदूरों की कमी महसूस की जा रही है। ऐसे में टोकन मशीन किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है।
कम समय में अधिक बुआई इस मशीन की मदद से कम समय में अधिक क्षेत्र में बुआई पूरी की जा सकती है। साथ ही खाद, सिंचाई और अन्य अंतरवर्ती कृषि कार्य भी आसानी से किए जा सकते हैं। इससे उत्पादन लागत कम होने और किसानों के मुनाफे में बढ़ोतरी की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि टोकन मशीन के माध्यम से तुअर, सोयाबीन, कपास सहित अन्य दलहनी फसलों की भी सटीक बुआई की जा सकती है। बदलते समय में आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग बढ़ाना आवश्यक है। यदि अधिक से अधिक किसान इस तकनीक को अपनाते हैं तो कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।