Amravati Waterlogging Crop Damage: अमरावती जिले के दर्यापुर तहसील के सौंदली शिवार में प्रशासन के योजनाहीन कार्यशैली का बड़ा खामियाजा सैकड़ों किसानों को भुगतना पड़ रहा है। वर्ष 2014-15 में सिंचाई विभाग और कृषि विभाग के माध्यम से लागू की गई शेती लागत लहान योजना के तहत कई किसानों ने अपने खेतों में मेढ़ बनाए थे।
उस समय संबंधित विभागों ने आश्वासन दिया था कि बारिश के जमा पानी की निकासी के लिए एक अलग प्राकृतिक नाले/जल निकासी की व्यवस्था की जाएगी। हालांकि, इतने साल बीत जाने के बाद भी यह आश्वासन केवल कागजों तक ही सीमित रहा। इस वर्ष हुई मूसलाधार बारिश के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई है। कुछ किसानों द्वारा मेढ़ों को और ऊंचा कर दिए जाने से पानी का प्राकृतिक बहाव पूरी तरह से बंद हो गया।
इसके परिणामस्वरूप आसपास की सैकड़ों एकड़ खेती जलमग्न हो गई है और हाथ में आई खरीफ की फसलें पूरी तरह से बर्बाद होने की कगार पर हैं। इससे किसानों के सामने भारी आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और उनके सामने भुखमरी की नौबत आ गई है।
पीड़ित किसानों का कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की उचित व्यवस्था कर दी जाती, तो आज यह नौबत न आती। प्रशासन की लापरवाही के कारण किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। किसानों ने तीखा सवाल उठाया है कि इस भारी नुकसान की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा।
ये भी पढ़े: नासिक में बच्चों की सेहत से खिलवाड़, स्कूलों के बाहर जंक फूड स्टॉलों की भरमार, FDA के आदेश बेअसर
स्थानीय किसानों ने संबंधित विभाग तथा पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान निकालने, नुकसानग्रस्त किसानों को आर्थिक सहायता देने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। यदि आने वाले कुछ दिनों में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे दर्यापुर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी किसानों ने दी।