Anjangaon Bari Kharif Sowing: अंजनगांव बारी और आसपास के क्षेत्र में मानसून ने दस्तक तो दे दी है, लेकिन अब तक संतोषजनक बारिश नहीं होने से खरीफ सीजन की बुआई प्रभावित हो गई है। मृग नक्षत्र में अच्छी वर्षा होने की उम्मीद पर किसानों ने बुआई पूर्व सभी तैयारियां पूरी कर ली थीं, लेकिन मृग नक्षत्र लगभग सूखा ही गुजर जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र की अधिकांश खेती वर्षा पर निर्भर है, इसलिए किसानों की पूरी आर्थिक व्यवस्था खरीफ फसल पर आधारित रहती है।
किसान बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री खरीदकर बारिश का इंतजार कर रहे हैं। दिनभर बढ़ता तापमान और शाम को बनने वाला बादलों का वातावरण बारिश की उम्मीद तो जगाता है, लेकिन वास्तविक वर्षा नहीं होने से किसान परेशान हैं।
आर्द्रा नक्षत्र की शुरुआत हो चुकी है। किसानों को उम्मीद है कि इस नक्षत्र में अच्छी बारिश होगी। यदि जल्द ही बुआई योग्य वर्षा नहीं हुई तो खरीफ सीजन की बुआई और अधिक देर से होने की संभावना है, जिससे उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अंजनगांव बारी क्षेत्र में सोयाबीन प्रमुख नकदी फसल है। इसके अलावा कपास, तुअर, मूंग, उड़द तथा हल्दी की भी बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। समय पर बुआई नहीं होने से उत्पादन में कमी आने की आशंका बढ़ रही है।
इसलिए किसानों को उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में तीन-चार अच्छी बारिश की झड़ियां पड़ें, जिससे बुआई कार्य शुरू किया जा सके। इस बीच, अच्छी बारिश होने पर केवल खेती को ही नहीं, बल्कि पशुओं के पीने के पानी की समस्या के समाधान में भी मदद मिलेगी।
ये भी पढ़े: केतन अग्रवाल मौत: हादसा या हत्या? सेल्फी की कहानी निकली झूठी, मंगेतर ने लोहगढ़ की 350 फीट गहरी खाई में धकेला
किसान रामराम इंगोले ने कहा कि यही कारण है कि अंजनगांव बारी क्षेत्र के किसानों की निगाहें अब आर्द्रा नक्षत्र पर टिकी हुई हैं और वे बारिश की प्रतीक्षा में आसमान की ओर देख रहे हैं। बुआई का काम प्रभावित मृग नक्षत्र में बारिश नहीं होने से बुआई का काम प्रभावित हुआ है। अब किसानों को आर्द्रा नक्षत्र से उम्मीद है कि अच्छी वर्षा होगी और बुआई शुरू हो सकेगी। यदि बारिश और अधिक देर से हुई तो उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।