Amravati Water Supply Project: वर्ष 2055 तक अमरावती शहर को नियमित और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए 985।49 करोड़ रुपए की अमृत-2 संवर्धित जल आपूर्ति योजना पर काम चल रहा है।
सिंभोरा डेम से नेर पिंगलाई टैंक तक 1400 एमएम व्यास की हल्के स्टील की समानांतर पाइपलाइन तथा आगे अमरावती जल शुद्धिकरण केंद्र तक 1500 एमएम व्यास की गुरुत्वाकर्षण पाइपलाइन बिछाने का काम जारी है। योजना को दिसंबर के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
विधायक सुलभा खोडके ने महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण प्रशासन को सभी तकनीकी बाधाएं दूर कर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना पूरी होने से अमरावतीवासियों को हर दूसरे दिन होने वाली जलापूर्ति से राहत मिलेगी।
बैठक में प्रशासन ने बताया कि पाइपलाइन साइट हस्तांतरण, राष्ट्रीय महामार्ग पर खुदाई की अनुमति, वन विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र, महावितरण के बिजली पोलों की शिफ्टिंग और मनपा लेआउट जैसी तकनीकी अड़चनों से काम प्रभावित हो रहा है। खोडके ने संबंधित विभागों से समन्वय कर सभी अनुमतियां समय पर लेने के निर्देश दिए।
खोडके ने जल आपूर्ति विभाग, वन विभाग, शहरी विकास, महावितरण, राष्ट्रीय महामार्ग और एनएचपीडब्ल्यूडी सहित सभी एजेंसियों से समन्वय कर बाधाएं दूर करने तथा प्रभावित स्थानों पर संयुक्त निरीक्षण करने को कहा। सिंभोरा में बिजली आपूर्ति की समस्या के समाधान के लिए 33 केवी पावर सप्लाई यूनिट लगाने की जानकारी भी दी गई। बैठक में अमृत-2 योजना के तहत पानी की टंकियों और जलापूर्ति कार्यों में तेजी लाने पर भी सहमति बनी।
बैठक में विधायक संजय खोडके, मजीप्रा के कार्यकारी अभियंता विवेक सोलंके, वन संरक्षक अर्जुन के. आर., एमजेआईपीआर के उपविभागीय अभियंता संजय लेवरकर, भारतीय राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के परियोजना प्रबंधक राकेश जावड़े एवं कथलकर, महावितरण के अधीक्षक अभियंता दीपक देवहाटे, महापारेषण के अधीक्षक अभियंता प्रमोद पखाले, सहायक वन संरक्षक ज्ञानेश्वर देसाई, मयूर बैलुमे, एमजेआईपीआर के उप अभियंता मनोज वाकेकर, महावितरण शहर विभाग के अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता सुधीर वानखड़े एवं यश खोडके उपस्थित थे।