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अमरावती शहर की जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत करने के लिए अमृत योजना के तहत नई लोहे की पाइपलाइन बिछाई जा रही है।
अप्पर वर्धा बांध से अमरावती तक पानी पहुंचाने वाली इस परियोजना के लिए 985 करोड़ रुपये की निधि निर्धारित की गई है।
परियोजना का लगभग 60% काम पूरा हो चुका है।
Amravati Water Supply Scheme: अमरावती शहर की बढ़ती आबादी और सुचारु पेयजल आपूर्ति की जरूरत को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (मजीप्रा) की अमृत योजना के अंतर्गत अमरावती की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है।
अप्पर वर्धा बांध (सिंभोरा) से अमरावती शहर तक पानी पहुंचाने के लिए 985 करोड़ रुपए की निधि से नई लोहे की पाइपलाइन बिछाई जा रही है। यह नई पाइपलाइन 2700 मीटर इतनी लंबी रहेगी। इस परियोजना का लगभग 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है। पुरानी पाइपलाइन में बार-बार होने वाले लीकेज और पानी की बर्बादी की समस्या से निजात दिलाना इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य है। जिससे भविष्य में नागरिकों को राहत मिलेगी।
वर्ष 1994 में अप्पर वर्धा बांध से अमरावती शहर तक सिमेंट की पाइपलाइन बिछाई गई थी। करीब 32 वर्ष पुरानी हो चुकी इस पाइपलाइन में पानी के दबाव के कारण बार-बार लीकेज की समस्या सामने आ रही थी। कई बार पाइपलाइन फटने से हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह जाता था। इसके अलावा मरम्मत कार्य के दौरान एक से दो दिन तक जलापूर्ति बंद रखनी पड़ती थी।
इसका सीधा असर शहर के नागरिकों पर पड़ता था और उन्हें पीने के पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ती थी। इन समस्याओं को देखते हुए मजीप्रा ने अमृत योजना के तहत नई लोहे की पाइपलाइन बिछाने की परियोजना मंजूर की। पुरानी सिमेंट की पाइपलाइन की जगह लोहे के पाइप लगाए जा रहे हैं, ताकि पानी के दबाव से होने वाले नुकसान और बार-बार की मरम्मत की समस्या को कम किया जा सके।
मजीप्रा उपकार्यकारी अभियंता संजय लेवरकर ने कहा कि अमृत योजना अंतर्गत नई पाइप लाइन बिछाने का काम 60 फीसदी हो चुका है, शेष कार्य युध्दस्तर पर जारी है।
अमरावती और बडनेरा को मिलाकर शहर में कुल करीब 1 लाख 4 हजार नल कनेक्शन हैं। इन कनेक्शनों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 150 दशलक्ष लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। इतनी बड़ी मात्रा में पानी का संग्रह और वितरण सुचारु बनाए रखने के लिए शहर में वर्तमान में 26 जलकुंभ यानी पानी की टंकियां उपलब्ध है।
बढ़ती जरूरतों को देखते हुए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 17 नई पानी की टंकियों का निर्माण भी किया जा रहा है। इनमें बडनेरा, आनंद विहार, शारदा नगर, राजापेठ, जमील कॉलोनी, अराफत कॉलोनी, प्रशांत नगर, मोसीकॉल, रहाटगांव, सिविल लाइन और अभियंता कॉलोनी सहित अन्य क्षेत्रों का समावेश है।
नई पाइपलाइन बिछाने का ठेका उल्हासनगर की ईगल इन्फ्रा कंपनी को दिया गया है। कंपनी की ओर से शैलेन्द्र सोनोने के नेतृत्व में 10 अक्टूबर 2024 से काम शुरू किया गया। परियोजना के अंतर्गत करीब 8 टन वजन वाले और 12 मीटर लंबे लोहे के पाइप हाइड्रा क्रेन की सहायता से बिछाए जा रहे हैं।
इस काम को पूरा करने के लिए 30 महीने की समयावधि निर्धारित की गई है। अब तक लगभग 60 फीसदी काम पूरा होने से परियोजना के महत्वपूर्ण हिस्से में प्रगति हुई है। नई पाइपलाइन शुरू होने के बाद शहर तक पानी पहुंचाने वाली व्यवस्था अधिक मजबूत होने और लीकेज के कारण होने वाली पानी की बर्बादी में कमी आने की उम्मीद है, साथ ही पाइपलाइन की बार-बार मरम्मत के कारण जलापूर्ति बाधित होने की समस्या से भी राहत मिल सकती है।