मेस्टा ने आधिकारिक प्रत्याशी किरण चौधरी की उम्मीदवारी रद्द की
चुनाव से करीब 12 दिन पहले संगठन ने लिया फैसला
चुनावी नियोजन और वरिष्ठों के निर्देशों की अनदेखी के आरोप
प्रचार में मेस्टा का नाम, लोगो और पदाधिकारियों की तस्वीरें इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी
Amravati MESTA Cancels Candidate Nomination: अमरावती विभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव से पहले महाराष्ट्र इंग्लिश स्कूल ट्रस्टीज एसोसिएशन (मेस्टा) के फैसले ने राजनीतिक और शिक्षक संगठनों के बीच हलचल बढ़ा दी है। संगठन ने अपने आधिकारिक उम्मीदवार किरण चौधरी की उम्मीदवारी तत्काल प्रभाव से रद्द करने की घोषणा की है। चुनाव में करीब 12 दिन शेष रहने के दौरान लिए गए इस निर्णय से चुनावी समीकरणों पर असर पड़ने की संभावना है।
मेस्टा पदाधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई संगठनात्मक अनुशासन, चुनावी तैयारी और वरिष्ठों के निर्देशों के पालन से जुड़े मुद्दों के आधार पर की गई है।
अमरावती विभाग संगठन की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, चुनाव के शेष दिनों के लिए जिला और तहसील स्तर पर जिम्मेदारियों का बंटवारा तथा मतदाताओं से संपर्क की ठोस रणनीति कोर कमेटी के सामने प्रस्तुत नहीं की गई थी।
मेस्टा का दावा है कि पिछले सात से आठ दिनों से वरिष्ठ पदाधिकारी किरण चौधरी से संपर्क करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि कोर कमेटी को अधूरी या भ्रामक जानकारी दी गई और वरिष्ठों के निर्देशों की अनदेखी की गई।
मेस्टा पदाधिकारियों ने किरण चौधरी और उनके करीबी लोगों की गतिविधियों पर संदेह जताया है। संगठन के अनुसार, विरोधी उम्मीदवारों के संपर्क में रहने और संगठन की आधिकारिक भूमिका के विपरीत गतिविधियों में शामिल होने की आशंका के चलते कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति बनी।
हालांकि, विरोधी उम्मीदवारों से मिलीभगत के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। ये आरोप संगठन की ओर से लगाए गए हैं।
उम्मीदवारी रद्द करने के साथ मेस्टा ने किरण चौधरी को प्रचार सामग्री में संगठन का नाम, लोगो या पदाधिकारियों की तस्वीरों का इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया है। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे खुद को मेस्टा का आधिकारिक उम्मीदवार बताकर प्रचार न करें।
निर्देशों का उल्लंघन होने पर नियमों के अनुसार कानूनी और अन्य कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव से पहले यह निर्णय मेस्टा के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. संजयराव तायडे पाटिल सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की ओर से लिए जाने की जानकारी दी गई है।