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अमरावती परिक्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक डॉ. महेश पाटिल ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
मोर्शी में पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी धनराज चढ़ोकार को अदालत ने आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
सरमसपुरा पुलिस ने गणेश विसर्जन शोभायात्राओं के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सिग्नल सिस्टम और लाइट्स के जरिए बेहतर नियोजन किया।
Amravati Police Achievements: ग्रामीण पुलिस दल के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अपराध अनुसंधान, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए सत्कार समारोह लिया गया।
अमरावती परिक्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक डॉ. महेश पाटिल ने इन कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका गौरव बढ़ाया और उनके उल्लेखनीय कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। इस समय पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम, अपर पुलिस अधीक्षक दत्ता तोटेवाड और स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक अशोक लांडे सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
हत्या के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास मोर्शी थाने में दर्ज आपराधिक मामले में जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक श्रीराम लांबाडे ने बेहद बारीकी से जांच पूरी की। आरोपी धनराज चढ़ोकार ने अपनी पत्नी मृत रूपाली के साथ मारपीट कर उसे बेसुध अवस्था में नदी में फेंक दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। अदालत में अपराध सिद्ध होने पर न्यायाधीश ने आरोपी को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई, साथ ही धारा 201 के अंतर्गत तीन साल के सश्रम कारावास व 50 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया।
सरमसपुरा थाने के होजे चौक इलाके में गणेश विसर्जन के दौरान विभिन्न मंडलों के बीच समय के तालमेल को लेकर होने वाले मतभेदों को टालने के लिए पुलिस उपनिरीक्षक सुधीर काले ने सराहनीय पहल की। गणेश मंडलों और शांति समिति के सदस्यों की संयुक्त बैठक कर सिग्नल सिस्टम और लाइट्स के माध्यम से विसर्जन का सफल नियोजन किया। जिससे पूरी शोभायात्राएं शांतिपूर्ण तरीके से हुई। अभियान में पुलिस निरीक्षक गौतम इंगले, सुधीर सिपाही आकाश पांडे और पवन सातपुते ने सहयोग दिया।
अंजनगाव सुर्जी थाना क्षेत्र के पांढरी गांव के बाल गणेश मंडल ने पुलिस अधीक्षक की संकल्पना से प्रेरणा लेकर इस बार गणेशोत्सव में अनावश्यक खर्च से तौबा की और पारंपरिक तरीके से विसर्जन शोभायात्रा निकाली। उत्सव के खर्च में से बचाई गई राशि से गरीबों और मरीजों के लिए एम्बुलेस खरीदने का अनूठा और समाजोपयोगी निर्णय लिया गया। इस सराहनीय कार्य में पुलिस निरीक्षक सुरज बोंडे, सिद्धांत ढोले, सुहास डहाके और रमन हिवराले का योगदान अहम रहा।
निराधार पीड़िता के प्रति संवेदनशीलता अंजनगाव सुर्जी थाने में दर्ज गंभीर लैंगिक अत्याचार के एक मामले में, मानसिक रूप से कमजोर और निराधार पीड़िता की देखरेख महिला सहायक पुलिस निरीक्षक प्रशाली काले ने विशेष संवेदनशीलता के साथ की। उन्होंने पीड़िता के आवास, प्रसव और आगे के स्वास्थ्य की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की। इस कार्य ने पुलिस दल के मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण को समाज के सामने मजबूती से रखा।
पुणे में आयोजित 21वें महाराष्ट्र राज्य पुलिस कर्तव्य सम्मेलन में अमरावती परिक्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए पुलिस कांस्टेबल पवन ढोके ने आईटी प्रोफिसिएंसी कॉम्पिटिशन में पूरे महाराष्ट्र राज्य में तृतीय स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया। विशेष पुलिस महानिरीक्षक डॉ. महेश पाटील ने इन सभी पुलिस अधिकारियों और अमले की पीठ थपथपाते हुए कहा कि ऐसे अनुकरणीय कार्य पुलिस दल की साख और जनता का विश्वास बढ़ाते हैं।