Amravati Government Hospital Surprise Inspection: अमरावती के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं और साफ-सफाई की बदहाली पर मुंबई से सीधे बड़ा एक्शन हुआ है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. स्वप्निल सांगले सोमवार को अचानक अमरावती पहुंचे। उन्होंने जिला अस्पताल (इर्विन), जिला महिला अस्पताल (डफरिन) और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस औचक निरीक्षण के दौरान अस्पतालों में भारी कमियां और गंदगी का अंबार देखने को मिला, जिस पर उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले जिले के दौरे पर थे। उस दौरान उनसे सरकारी अस्पतालों में पसरी गंदगी और असुविधाओं की गंभीर शिकायतें की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पालकमंत्री बावनकुले ने तुरंत स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आंबिटकर को फोन लगाकर स्थिति से अवगत कराया था। पालकमंत्री के इसी कड़े रुख के बाद सोमवार सुबह 10 बजे ही मुंबई से डॉ। स्वप्निल सांगले अमरावती पहुंच गए। इस अचानक हुए दौरे से पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया।
यह टीम जब जिला महिला अस्पताल पहुंची तो यहां भीषण गर्मी के इस मौसम में भी मरीजी और उनके परिजनों के पीने के लिए लगे वॉटर कूलर बंद अवस्था में पाए गए, चौकाने वाली बात यह रही कि ये वॉटर कूलर पिछले करीब चार महीनों से खराब पड़े थे और उनके आस-पास भी गंदगी का राज था। इतना ही नहीं, निरीक्षण के दौरान अस्पताल के कुछ डॉक्टर भी अपनी ड्यूटी से नदारद मिले, जिनके खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए गए है।
डॉ. सागले ने सबसे पहले अमरावती जिला अस्पताल का निरीक्षण किया, जहां अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ था, अस्पताल के टॉयलेट के दरवाजे टूटे हुए थे और चारों तरफ भयंकर गंदगी फैली थी। मरीजों के लिए बुनियादी सुविधाओं के इस बुरे हाल को देखकर डॉ। सांगले ने गहरी नाराजगी जताई और मौके पर ही अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
सरकारी अस्पताल में साफ सफाई का ठेका एक कंपनी को दिया गया है, लेकिन अस्पतालों में सुबह सफाई कर कर्मी गायब हो जाते है। जिस पर नोडल अधिकारी ने सभी कर्मियों को आठ घंटे ड्यूटी करने की अनिवार्यता की बात कही। उक्त सभी मामलों में रिपोर्ट तैयार कर स्वास्थ्य मंत्री को भेजी जाएगी और पश्चात बैठक होगी, ऐसी भी जानकारी सूत्रों ने दी है।