Amravati Eye Surgery Report: नेत्रदान सर्वश्रेष्ठ दान है। हमारे जीवन के बाद भी हमारी आंखें किसी के अंधकारमय जीवन को रोशन कर सकती हैं। इसलिए नागरिकों को अंधत्व निवारण के इस महाअभियान में आगे आकर नेत्रदान का संकल्प लेना चाहिए। यह भावुक और प्रेरणादायक अपील अमरावती के जिला शल्य चिकित्सक डॉ. विनोद पवार ने विश्व नेत्रदान दिवस के उपलक्ष्य में की है। जिला अस्पताल ने एक वर्ष में 4,652 नेत्र ऑपरेशन किए हैं।
इसी तरह हरिना फाउंडेशन के सहयोग से 37 नेत्रदान व 2 अवयवदान किए गए हैं।इस विशेष दिवस के अवसर पर अमरावती जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों की एक बेहद सकारात्मक रिपोर्ट सामने आई है, जो जिला अस्पताल की कार्यकुशलता और सेवा भाव को रेखांकित करती है।
जिला अस्पताल द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच स्पताल के कुशल डॉक्टरों की टीम ने कुल 4,652 सफल नेत्र ऑपरेशन किए हैं। जिला अस्पताल में अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से अत्यंत किफायती और सुलभ तरीके से मरीजों के मोतियाबिंद व अन्य नेत्र रोगों के ऑपरेशन किए गए, जिससे हजारों गरीब और जरूरतमंद मरीजों को नई रोशनी मिली है।
अमरावती शहर सहित जिले में हरिना फाउंडेशन एवं हरिना नेत्रदान समिति द्वारा नेत्रदान व अवयवदान करने के लिए नागरिकों में जागरूकता अभियान चलाया जाता है। 10 जून 2025 से 10 जून 2026 के बीच फाउंडेशन के सहयोग से कुल 37 नेत्रदान व 2 अवयवदान किए गए है। हरिना की ओर से जिलेभर में व्यापक जनजागृति अभियान चलाया जा रहा है। नेत्रदान व जागरूकता कार्य में फाउंडेशन के अध्यक्ष मनोज राठी, कार्याध्यक्ष चंद्रकांत पोपट, पुरनलाल हबलानी, निलेश चिठोरे, डॉ. डी. जी. अडवानी, नंदकिशोर राठी, शरणपालसिंग अरोरा, प्रा. मुकेश लोहिया, प्रदीप चड्डा, शरद कासट, पूजा जोशी, बरखा बोज्जे, राजेन्द्र भंसाली आदि प्रयासरत है।
डॉ. विनोद पवार ने जिला अस्पताल की इस बड़ी उपलब्धि पर पूरी मेडिकल टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन मरीजों को सर्वोत्तम नेत्र चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही उन्होंने समाज में नेत्रदान के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया।
अमरावती जिला शल्य चिकित्सक डॉ. विनोद पवार ने कहा है की "अंधत्व मुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, इसमें जनभागीदारी बहुत जरूरी है। विश्व नेत्रदान दिवस के मौके पर हम सभी को यह प्रण लेना चाहिए कि हम मरणोपरांत नेत्रदान करेंगे, ताकि किसी दूसरे के जीवन का अंधेरा दूर कर उसे इस खूबसूरत दुनिया को देखने का अवसर दिया जा सके।"