खाई में गिरी पिकअप वाहन (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
अमरावती

अमरावती में 50 फीट गहरी खाई में गिरी मजदूरों से भरी पिकअप, 5 की मौके पर मौत, कई घायल; मची चीख-पुकार

Amravati Road Accident: अमरावती के धारणी तालुका में दर्दनाक हादसा। रानी गांव घाट की खाई में गिरी मजदूरों से भरी पिकअप। 5 की मौत, 12 गंभीर। पुलिस जांच में जुटी।

प्रिया जैस

Amravati Pickup Van Accident: महाराष्ट्र के अमरावती जिला से एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। मजदूरों को लेकर जा रही एक पिकअप वैन खाई में गिर गई, जिससे पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कई अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, धारणी तालुका के बेल्टलाई क्षेत्र से मजदूर अपने गांव कंजुली लौट रहे थे। पिकअप वाहन में 20 से अधिक मजदूर सवार थे। जब वाहन रानी गांव के घाट क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और पिकअप पलटकर करीब 50 फीट गहरी खाई में जा गिरी।

इस हादसे में पांच मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मौके से सामने आए वीडियो और तस्वीरों में हादसे की भयावहता साफ दिखाई दे रही है।

रेस्क्यू ऑपरेशन और इलाज जारी

वाहन में पुरुषों और महिलाओं समेत कई ग्रामीण सवार थे। हादसे में बाबूलाल बुडा दहीकर, सीताराम पटेल सेलुकर, किसान ताणू धांडे और सुकराई बिसराम धांडे (सभी निवासी कांजोली, तहसील धारणी) की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य घायलों को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। कई घायलों की व्हालत नाजुक थी, जिससे मृतक संख्या बढ़ने की आशंका है।

बताया जा रहा है कि 10 से 12 मजदूरों की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हादसे के बाद घाट इलाके में काफी समय तक यातायात ठप रहा। फिलहाल अमरावती पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा वाहन की तकनीकी खराबी, ओवरलोडिंग या चालक की लापरवाही के कारण हुआ।

गांव में मातम, सड़क मरम्मत की मांग

हादसे की सूचना मिलते ही धारणी पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को धारणी उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। उनका आरोप है कि घाट की सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है।

बड़े-बड़े गड्डों और ढलान पर सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण ही वाहन पीछे लुढ़का और यह हादसा हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सड़क मरम्मत की मांग की गई, लेकिन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। इस भीषण दुर्घटना से पूरा मेलघाट क्षेत्र स्तब्ध है, गांवों में मातम पसरा है और मृतकों के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

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