Maharashtra dam water storage (सोर्सः सोशल मीडिया) 
अमरावती

अमरावती जिले के जलाशयों में 63 प्रतिशत पानी, गर्मी से पहले प्रकल्पों में जलस्तर संतोषजनक

Amravati Dams Water Level: अमरावती जिले के 48 जलाशयों में वर्तमान में कुल क्षमता का लगभग 63 प्रतिशत पानी उपलब्ध है, जिससे फिलहाल जलस्तर संतोषजनक माना जा रहा है।

आंचल लोखंडे

Amravati Water Reservoir Report: अमरावती जिले के बड़े, मध्यम और लघु जलाशयों सहित कुल 48 परियोजनाओं में वर्तमान में 665.23 मिलियन क्यूबिक मीटर (दलघमी) उपयोगी पानी उपलब्ध है, जो कुल क्षमता का लगभग 63 प्रतिशत है। सिंचाई विभाग द्वारा 5 मार्च सुबह 6 बजे तक के जारी आंकड़ों के अनुसार जलाशयों में पानी का स्तर फिलहाल संतोषजनक है।

ऊर्ध्व वर्धा जलाशय में 60.85% जलसंग्रह

सिंचाई विभाग के अनुसार जिले के प्रमुख बड़े जलाशयों में से एक ऊर्ध्व वर्धा जलाशय की कुल क्षमता 564.05 दलघमी है। वर्तमान में इसमें 346.96 दलघमी पानी उपलब्ध है, जो लगभग 60.85 प्रतिशत जलसंग्रह दर्शाता है। इसे औसत के अनुसार संतोषजनक माना जा रहा है, हालांकि आगामी गर्मी को देखते हुए जल प्रबंधन में सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।

पानी की समस्या पर विधायक रवि राणा की बैठक

अमरावती तहसील में संभावित पानी की कमी की समस्या को ध्यान में रखते हुए विधायक रवि राणा ने 7 मार्च को महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (मजीप्रा) कार्यालय में समीक्षा बैठक बुलाई है। इस बैठक में पानी की उपलब्धता, संभावित संकट और समाधान के लिए चल रही योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। बैठक में राजस्व विभाग, पंचायत समिति, जिला परिषद, भूजल सर्वेक्षण व विकास यंत्रणा, महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण तथा ग्रामीण जल आपूर्ति विभाग के अधिकारी मौजूद रहेंगे।

उपायों की समीक्षा

जिलाधिकारी कार्यालय ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। तहसील में पानी की समस्या के समाधान के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की जाएगी। समन्वय के लिए उमेश ढोणे से संपर्क करने की अपील की गई है। सभी ग्राम पंचायतों से अपनी समस्याएं और शिकायतें दो प्रतियों में उमेश ढोणे के पास जमा कराने का आह्वान किया गया है।

लघु जलाशयों में भी पर्याप्त जलसंग्रह

जिले के लघु जलाशयों में कुल 323.52 मिलियन क्यूबिक मीटर उपयोगी पानी उपलब्ध है, जो लगभग 45.38 प्रतिशत है। जिले के सभी जलाशयों को मिलाकर कुल जल भंडारण 665.23 मिलियन क्यूबिक मीटर है, जो कुल क्षमता का लगभग 63.57 प्रतिशत है। यह जलसंग्रह मुख्य रूप से कृषि सिंचाई और पेयजल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पानी के उपयोग में सावधानी की जरूरत

मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष गर्मी का स्तर अधिक रहने की संभावना है। ऐसे में जलाशयों में पानी का वाष्पीकरण बढ़ सकता है, जिससे जलस्तर तेजी से गिर सकता है। इसलिए जल प्रबंधन में अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। नागरिकों को पानी का संतुलित उपयोग करने और बचत उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।

कुछ जलाशयों में स्थिति मिश्रित

  • जिले के मध्यम जलाशयों में पानी की स्थिति मिश्रित है।
  • शहानूर जलाशय - 65.55%
  • चंद्रभागा जलाशय - 68.11%
  • पूर्णा जलाशय - 58.88%
  • सपन जलाशय - 66.29%
  • पेंढी जलाशय - 75.29% (सबसे अधिक)
  • हालांकि गार्गी जलाशय फिलहाल पूरी तरह सूखा है, जबकि बोर्डी नाला जलाशय में लगभग 32.07 प्रतिशत पानी उपलब्ध है।

नेपाल में बाढ़ से हाहाकार, मदद के लिए सबसे पहले आगे आया भारत; 10 टन राहत सामग्री भेजी, देखें लिस्ट

चीन में अजित डोभाल का बड़ा दांव, भारत-चीन सीमा वार्ता में 8 मुद्दों पर बनी बात, LAC पर शांति के लिए बड़ा कदम

मणिपुर दहलाने की साजिश नाकाम, 13 उग्रवादी गिरफ्तार, रॉकेट-ग्रेनेड से लैंडमाइन तक बड़े हथियार बरामद

तिब्बत में बाढ़ से तबाही, सद्गुरु के कैलाश यात्रा ग्रुप के लोग फंसे; 77 इमिग्रेशन सेंटर पर, देखें VIDEO

Explainer: नेपाल में अचानक क्यों आई भारी तबाही, क्या है वो असली वजह; जिसने तबाह की सैकड़ों जिंदगियां