Dairy Products Seized: खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने रविवार, 31 मई को वर्धा के मगनवाड़ी स्थित वर्धा तहसील गोदुग्ध उत्पादक सहकारी संघ संचालित गोरस भंडार पर अचानक छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान दुग्ध उत्पादों के निर्माण, भंडारण और वितरण में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर विभाग ने मिलावट के संदेह में 25 लाख 86 हजार 168 रुपये मूल्य का दुग्ध उत्पादों का स्टॉक जब्त कर लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को परिसर में अस्वच्छ वातावरण में खाद्य पदार्थों का उत्पादन, बिक्री, वितरण एवं भंडारण किए जाने के प्रमाण मिले।
साथ ही तैयार किए जा रहे खाद्य उत्पादों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक लेबल भी नहीं लगाए गए थे। कार्रवाई के दौरान गाय का दूध, छाछ, घी एवं खोवा के नमूने जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे गए। वहीं, मिलावट की आशंका के चलते घी, खोवा और छाछ का कुल 25.86 लाख रुपये का स्टॉक जब्त कर लिया गया।
खराब होने के कारण मौके पर ही छाछ को नष्ट कर दिया गया। इस अवसर पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना उनका अधिकार है।
यदि कोई व्यक्ति या संस्था खाद्य पदार्थों में मिलावट करती है अथवा प्रतिबंधित खाद्य सामग्री का भंडारण या बिक्री करती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की शंका होने पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन से संपर्क करें तथा शिकायत में अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर, संबंधित प्रतिष्ठान का सही पता और खाद्य पदार्थ से जुड़ी विस्तृत जानकारी अवश्य दें।
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खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने अगले आदेश तक दुग्ध उत्पादों के निर्माण और व्यवसाय संचालन पर रोक लगाने संबंधी नोटिस भी जारी किया है। यह संयुक्त कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन वर्धा तथा नागपुर के अधिकारियों की टीम द्वारा की गई।
गोसंवर्धन गोरस भंडार के अध्यक्ष एड. निलेश पाटिल ने कहा कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों ने संस्थान का आकस्मिक निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। निरीक्षण और जांच के दौरान खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा जो निर्देश दिए गए, उनका पालन करते हुए संस्थान ने तत्काल प्रभाव से दुग्ध उत्पादों का उत्पादन एवं बिक्री बंद कर दी है।