अकोला में खेल की कमी (सोर्स: गुगल जेमीनी)
अकोला

राष्ट्रीय खेल दिवस पर अकोला से सवाल: हॉकी का स्वर्णिम दौर देख चुका अकोला, आज मैदान के लिए क्यों तरस रहा है?

Akola Sports Ground Shortage: राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर अकोला में खेल सुविधाओं की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। खिलाड़ियों के अनुसार हॉकी और फुटबॉल जैसे खेलों को मैदान और सुविधाएं मिलना जरूरी है।

वेदांत जोशी

National Sports Day Akola: 29 अगस्त को देश में महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है। ध्यानचंद के खेल जीवन के दौरान भारत ने 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक खेलों में हॉकी में लगातार स्वर्ण पदक हासिल किए थे।

राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर खेलों और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने की चर्चा होती है, लेकिन अकोला में खेल मैदानों की उपलब्धता को लेकर स्थिति पर ध्यान देने की जरूरत महसूस की जा रही है।

शहर में हॉकी का मैदान लंबे समय तक नहीं था

शहर के वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी गुरुमीत सिंह गोसल ने कहा कि कुछ समय पहले तक अकोला में हॉकी के लिए एक भी मैदान उपलब्ध नहीं था। उनके अनुसार जिलाधिकारी वर्षा मीणा और जिला क्रीड़ा अधिकारी सतीशचंद्र भट के विशेष प्रयासों से हिंगना क्षेत्र में एक विशाल हॉकी मैदान का निर्माण किया गया है।

गोसल के मुताबिक मैदान के चारों ओर कंपाउंड वॉल, ओपन जिम और ड्रेसिंग रूम जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। उन्होंने बताया कि हॉकी ग्राउंड का काम जल्द पूरा होने की उम्मीद है।

उन्होंने अकोला में हॉकी के पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि 1975 से 1981-82 के बीच शहर में हॉकी का स्वर्ण काल था। उस समय यहां राष्ट्रीय स्तर की हॉकी प्रतियोगिताएं आयोजित होती थीं और शहर ने कई अच्छे हॉकी खिलाड़ी देश को दिए।

फुटबॉल और दूसरे खेलों पर भी ध्यान जरूरी

गोसल ने कहा कि हॉकी के साथ फुटबॉल और अन्य खेलों को भी प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उनके अनुसार बॉक्सिंग और क्रिकेट में भी अकोला के खिलाड़ियों ने शहर का नाम रोशन किया है। उन्होंने इसके लिए जिला क्रीड़ा अधिकारी सतीशचंद्र भट को श्रेय दिया।

कई मैदानों पर अलग-अलग गतिविधियां

शहर में उपलब्ध खेल मैदानों का इस्तेमाल अलग-अलग खेलों और संस्थागत गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। जिला अस्पताल के सामने स्थित पुलिस हॉकी ग्राउंड अब सर्वोपचार के कब्जे में है और वहां इमारतों का निर्माण हो चुका है।

वसंत देसाई मैदान की देखभाल खेल विभाग के अंतर्गत आती है, जबकि अकोला क्रिकेट क्लब मैदान में क्रिकेट मैच और प्रशिक्षण चलता है। लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम से लगकर क्रीड़ा प्रबोधिनी का निर्माण किया गया है।

भाटे ग्राउंड निजी संस्था के अधीन है। डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के मैदान में विश्वविद्यालय के टूर्नामेंट आयोजित होते हैं। वहीं सर्किट हाउस के सामने स्थित एम.बी. विद्यालय का मैदान मनपा ने अपने अधीन ले लिया है।

भारत विद्यालय के सामने स्थित खुले मैदान में कंपाउंड वॉल बनाई गई है। होली क्रॉस कॉन्वेंट स्कूल और माउंट कारमेल स्कूल के अपने खेल मैदान हैं। आरडीजी महिला महाविद्यालय के विशाल मैदान के एक हिस्से में क्रिकेट अकादमी को जगह दी गई है।

राष्ट्रीय खेल दिवस पर शहर की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त और सुलभ मैदानों की उपलब्धता एक अहम मुद्दे के रूप में सामने आती है।

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