Manora Gram Panchayat Election: आगामी ग्राम पंचायत चुनाव को देखते हुए तहसील की 36 ग्राम पंचायतों के सदस्य पदों के लिए प्रभागनिहाय आरक्षण ड्रा हाल ही में निकाला गया। आरक्षण घोषित होते ही ग्राम स्तर पर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गईं और इच्छुक उम्मीदवारों ने मतदाता संपर्क, बैठकों का दौर शुरू हो गई।
राज्य चुनाव आयोग के निर्देशानुसार अवधि खत्म हुई तथा नई स्थापित ग्राम पंचायतों के सदस्य पदों का आरक्षण निश्चित किया गया है। चक्राकार पद्धति से गव्हा, वाईगोल, उमरी खुर्द, फुलउमरी, कोडोली जैसे बड़े गाँवों सहित कुल 36 ग्रामों के प्रभागों का आरक्षण घोषित किया गया।
आरक्षण से कई गांवों में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। कुछ स्थानों पर विद्यमान पदाधिकारियों का गणित बिगड़ा है तो नए चेहरों को अवसर मिलने की संभावना बनी है। अलग-अलग समूहों ने पैनल बनाना, कार्यकर्ताओं की बैठकें करना और चुनावी रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है। इस बार युवा और महिला उम्मीदवारों को भी अधिक मौके मिलने की संभावना है। हालांकि अधिकृत चुनाव कार्यक्रम अभी घोषित नहीं हुआ है, लेकिन आरक्षण ड्रा के बाद ग्रामीण इलाकों में राजनीतिक माहौल गर्माना शुरू हो गया है।
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गांव देश की रीढ़ माने जाते हैं। यदि गांव का विकास होगा तो वह अपने आप जिले और राज्य की रीढ़ बन जाएगा। इसके लिए युवाओं को ग्राम पंचायत चुनाव को केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसे समाज के लिए उपयोगी एक नए प्लेटफॉर्म के रूप में अपनाना चाहिए।