श्रमिक आंदोलन (सौ. सोशल मीडिया ) 
अकोला

Akola में सैकड़ों मजदूरों का धरना, कहा - सरकार ने वादे तो किए, लेकिन बोनस अब तक नहीं!

Akola District में दीपावली के त्योहार से पहले श्रमिकों ने हंगामा कर दिया है। अकोला जिला कार्यालय के सामने इन श्रमिकों ने एल्गार आंदोलन शुरू किया है। कर्मचारियों ने आवास योजना और बोनस की मांग की हैं।

अपूर्वा नायक

Akola News In Hindi: दिवाली जैसे प्रमुख त्योहार के ठीक पहले अकोला जिले के निर्माण श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार एल्गार आंदोलन शुरू किया है। बुधवार को इमारत व अन्य निर्माण कार्य कामगार कल्याणकारी मंडल, जिला कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना आंदोलन आयोजित किया गया।

इस आंदोलन का उद्देश्य दिवाली बोनस, आवास योजना और स्थगित की गई कल्याणकारी योजनाओं को पुनः शुरू करने की मांग करना था। यह आंदोलन सरकार और प्रशासन को श्रमिकों की समस्याओं की ओर ध्यान दिलाने का एक सशक्त प्रयास है।

श्रमिकों की मांग है कि उन्हें भी सुरक्षा, सम्मान और सुविधा मिले ताकि वे भी समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकें। पिछले वर्ष तत्कालीन श्रम मंत्री द्वारा घोषित दिवाली बोनस अब तक नहीं दिया गया है, जिससे श्रमिकों में नाराजगी है।

आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि मंडल प्रशासन केवल टालमटोल की नीति अपना रहा है और श्रमिकों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रहा है। उन्होंने मांग की कि दिवाली से पहले प्रत्येक निर्माण श्रमिक को 5,000 का बोनस दिया जाए ताकि वे भी अन्य असंगठित श्रमिकों की तरह त्योहार मना सकें।

कार्य समय को 12 घंटे से घटाकर पुनः 8 घंटे किया जाए

इसके साथ ही अटल निर्माण कार्य आवास योजना को तत्काल लागू कर श्रमिकों को 5 लाख का अनुदान देने की मांग की गई। आंदोलनकारियों ने यह भी कहा कि राज्य के सभी असंगठित निर्माण श्रमिकों को राज्य श्रमिक बीमा योजना (ESIC) का लाभ मिलना चाहिए।

इसके अलावा, श्रमिकों के कार्य समय को 12 घंटे से घटाकर पुनः 8 घंटे किया जाए और सभी लाभ वस्तु के रूप में न देकर सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से दिए जाएं। आंदोलन में घरेलू श्रमिकों के लिए 1,000 करोड़ की विशेष निधि की व्यवस्था करने, 60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन योजना लागू करने, गंभीर बीमारियों के लिए 1 लाख की आर्थिक सहायता देने और पंजीकरण व नवीनीकरण के सभी लंबित आवेदन तत्काल निपटाने की मांग भी शामिल थी।

श्रमिकों को 5 लाख का अनुदान देने की मांग

यह आंदोलन बिल्डिंग पेंटर निर्माण कार्य व अन्य असंगठित मजदूर संघ (ट्रेड यूनियन), महाराष्ट्र निर्माण कार्य संगठन स्वतंत्र कृति समिति, विदर्भ प्रदेश असंगठित मजदूर संघ, जनजागृति असंगठित निर्माण कार्य मजदूर संगठन सहित कई संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। आंदोलन का नेतृत्व अध्यक्ष प्रशांत मेश्राम, महासचिव विनोदकुमार, सचिव मनोज बाविस्कर, अध्यक्ष आत्माराम साठे, संगठक सुरेश कारंडे और प्रसिद्धी प्रमुख गणेश सावले ने किया। इस अवसर पर राज्य संगठक नितिन वाकोडे, वाशिम जिलाध्यक्ष अजमत खान, गणेश राठोड, सत्यदेव तायडे, शरबुद्दीन काजी, संतोष गवई, संदीप सालवे, सचिन खराटे, सुनील शिवकार, नागेश नेमाडे, मंगेश शिंदे सहित सैकड़ों श्रमिक उपस्थित थे।

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