अकोला

अकोला में विवाहिता की अधजली लाश मामले का पर्दाफाश; हत्यारा पति, सास और एक अन्य गिरफ्तार, 13 तक पुलिस रिमांड

Akola Crime News: अकोला में महिला की अधजली लाश मिलने की गुत्थी सुलझ गई है। पति ने विवाद के चलते हत्या की बात कबूल की है। पुलिस ने पति, सास और एक सहयोगी को गिरफ्तार कर 13 अप्रैल तक रिमांड पर लिया है।

रूपम सिंह

Akola News: अकोला 6 अप्रैल को डाबकी रोड पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अन्नपूर्णा माता मंदिर के पास स्थित फर्स्ट चॉइस गैरेज से पूर्व दिशा में जाने वाले कच्चे लेआउट में एक महिला का अधजला शव बरामद हुआ था। शव का चेहरा जला हुआ था जिससे पहचान करना कठिन था।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक के मार्गदर्शन में उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुदर्शन पाटिल, एलसीबी के पीआई शंकर शेलके तथा डाबकी रोड थाने की पीआई दीपक कोली ने मृतका की पहचान और हत्यारे की खोज के लिए विशेष पथक नियुक्त कर मामले की जांच करते हुए पति सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी गुरूवार की शाम एसडीपीओ सुदर्शन पाटिल ने पत्र परिषद में दी।

शहर में खोजपत्रिका जारी कर व्हॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई। इसके बाद 8 अप्रैल को आरोपी सादिक शहा तसरीफ शहा 29 निवासी नांदखेडा, पोस्ट टिटवा, तहसील मंगरुलपीर, जिला वाशिम स्वयं पुलिस स्टेशन डाबकी रोड पर उपस्थित हुआ और बताया कि उसने अपनी पत्नी रविना पवार 24 की विवाद के चलते हत्या कर शव को ठिकाने लगाया।

अन्य आरोपी भी शामिल एसडीपीओ पाटिल ने बताया कि, जांच में सामने आया कि हत्या के समय आरोपी की मां नुराबी तसरीफ शहा 59 व्यवसाय गृहकार्य, निवासी नांदखेडा, पोस्ट टिटवा, तहसील मंगरुलपीर, जिला वाशिम भी घटना स्थल पर मौजूद थी। मृतका के शव को ठिकाने लगाने में आरोपी का दामाद इरफान शहा रसुल शहा 35 निवासी इंदौरा आवास, बार्शीटाकली, जिला अकोला ने भी सहयोग किया।

इस आधार पर मुख्य आरोपी सादिक शहा को 8 अप्रैल को तथा उसकी मां नुराबी शहा और दामाद इरफान शहा को 9 अप्रैल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को 13 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजा है।

मृतका का शिशु सुरक्षित मृतका रविना का लगभग 10 से 15 दिन का शिशु कबीर 8 अप्रैल को उपचार हेतु जिला महिला अस्पताल, अकोला में भर्ती कराया गया। डिस्चार्ज के बाद बाल कल्याण समिति के मार्गदर्शन में उसे उत्कर्ष शिशुगृह में रखने की व्यवस्था की गई है।

यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी। चंद्रकांत रेड्डी, एसडीपीओ सुदर्शन पाटिल के मार्गदर्शन में पीआई दीपक कोली, पीआई शंकर शेलके, जांच अधिकारी अभिषेक अंधारे, अनिल चव्हाण, उमेश पाटिल, उमेश सुगंधी, मंगेश इंगले, दीपक तायडे, प्रवीण इंगले, राजेश ठाकुर, मंगेश गीते तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारियों ने की।

कॉकरोच किसके लिए कहा गया था? CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा दावा, जानें किसका लिया नाम

तरुण तेजपाल को जाना ही होगा जेल...सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई याचिका, सरेंडर के लिए दिया दो हफ्ते का टाइम

जंतर-मंतर हिंसा से दिल्ली पुलिस ने ली सीख, तैयार किया नया प्लान, अब हर बड़े प्रदर्शन पर ऐसे रखी जाएगी पैनी नजर

2027 की जनगणना से पहले राहुल गांधी और खड़गे ने PM मोदी को लिखा पत्र, जाति के आंकड़ों पर उठाए सवाल

6 साल में 41 मासूमों की मौत; अमरावती से झांसी तक अस्पताल बने आग का गोला, लेकिन एक भी दोषी को नहीं हुई सजा