गड़चिरोली में बाढ़  एआय जनरेटेड फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
अकोला

Akola News: अकोला के स्कूलों में जंक फूड पर सख्ती, 50 मीटर के दायरे में बिक्री और विज्ञापन पर रोक

Akola Schools Junk Food Ban: अकोला में 1,847 मुख्याध्यापकों की कार्यशाला में स्कूलों के 50 मीटर दायरे में जंक फूड और HFSS खाद्य पदार्थों की बिक्री व विज्ञापन पर रोक की जानकारी दी गई।

आंचल लोखंडे

Akola Eat Right School Campaign: विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, पोषण और स्कूलों में खाद्य पदार्थों की सुरक्षा को लेकर जनजागृति करने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन, अकोला तथा जिला परिषद शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में मुख्याध्यापकों के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। जिले के विभिन्न स्कूलों से कुल 1,847 मुख्याध्यापकों ने इस कार्यशाला में भाग लिया। कार्यशाला में विद्यार्थियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ ही स्कूल परिसर में जंक फुड की बिक्री और प्रचार रोकने को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

कार्यशाला में एचएफएसएस (हाई फैट, हाई शुगर, हाई साल्ट) यानी अधिक वसा, अधिक शक्कर और अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थों के विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। चिप्स, कैंडी, कोल्ड ड्रिंक, बेकरी उत्पाद और तले हुए खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन बच्चों में मोटापा, मधुमेह तथा एकाग्रता से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए बच्चों के आहार में पौष्टिक और संतुलित खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया।

50 मीटर के दायरे में पाबंदी

कार्यशाला में बताया गया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नियमों के अनुसार स्कूल परिसर से 50 मीटर के दायरे में जंक फुड और एचएफएसएस खाद्य पदार्थों की बिक्री या उनके विज्ञापन पर प्रतिबंध है। मुख्याध्यापकों से स्कूल परिसर के आसपास इस नियम का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने की अपील की गई। कार्यशाला में मान्यवरों ने जंकफुड से होने वाले नुकसान से अवगत कराया।

'ईट राइट स्कूल' अभियान पर जोर

'ईट राइट स्कूल' अभियान के तहत स्कूलों में विद्यार्थियों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। मध्यान्ह भोजन की स्वच्छता बनाए रखने के साथ भोजन तैयार करने और परोसने के दौरान खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए। पालकों में भी पौष्टिक आहार को लेकर जागरूकता पैदा करने का आह्वान किया गया। विद्यार्थियों के टिफिन में ताजे फल, उबली हुई दालें एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करने के लिए अभिभावकों को प्रोत्साहित करने की सूचना स्कूल प्रशासन को दी गई।

कैंटीन संचालकों को भी नियमों का पालन करना अत्यंत जरूरी

कार्यशाला में स्कूल कैंटीन संचालकों के लिए भी खाद्य सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई। कैंटीन संचालकों को आवश्यक लाइसेंस एवं पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने तथा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। कार्यशाला में खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त डी.जी. वीर, खाद्य सुरक्षा अधिकारी पी.एन.काले, आर.डी. सालवेकर एवं के.एच. बोहर्हाडे सहित जि.प. शिक्षा विभाग के समूह शिक्षण अधिकारी उपस्थित थे।

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