अकोला जिलाधिकारी कार्यालय- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Swift Akola Digital Verification: शासन की सेवाएं पारदर्शी, कार्यक्षम और समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराना प्रत्येक नागरिक का कानूनी अधिकार है। इसी अनुसार नागरिकों को समय पर सेवा प्रदान की जाए और किसी भी प्रकार का विलंब या देरी टाली जाए, ऐसे निर्देश अमरावती विभाग के राज्य सेवा हक्क आयुक्त अरुण डोंगरे ने दिए।
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित बैठक में जिले में लोकसेवा हक्क अधिनियम की अमल का जायजा लिया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी वर्षा मीणा, जि.प. मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनय नावंदर, पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक, अपर जिलाधिकारी भाऊसाहब फटांगरे, मनपा आयुक्त डॉ. सुनील लहाने, निवासी उप जिलाधिकारी गजेंद्र मालठाणे सहित सभी विभाग प्रमुख उपस्थित थे। कोई भी प्रकरण लंबित न रखा जाए।
अकोला प्रशासन को सख्त निर्देश
राज्य सेवा हक्क आयुक्त डोंगरे ने कहा कि कानून के अनुसार नागरिकों को निर्धारित समयसीमा में शासकीय विभागों की अधिसूचित सेवाएं मिलना आवश्यक है। इस अधिनियम के अंतर्गत अधिकारी और कर्मचारियों पर समयसीमा में सेवा देने की जिम्मेदारी निश्चित की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक सोमवार को अधिनियम का डॅशबोर्ड देखा जाए और कोई भी
प्रकरण लंबित न रखा जाए। प्रशासन को अधिक पारदर्शी और गतिशील बनाया जाए।
लंबित प्रकरणों का जल्द निपटारा करें
उन्होंने कहा कि सूचना व प्रौद्योगिकी ने अनेक महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। उसका लाभ लेकर प्रशासन को अधिक पारदर्शी और गतिशील बनाया जाए। जिला प्रशासन द्वारा लागू किए गए ई-भूमिती उपक्रम तथा ‘स्विफ्ट अकोला’
डिजिटल सत्यापण उपक्रम की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ये उपक्रम नागरिक सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने में सहायक हैं।