Akola Municipal Corporation: अकोला महानगरपालिका की स्थायी समिति की सोमवार को आयोजित बैठक में उस समय अभूतपूर्व हंगामा मच गया, जब कांग्रेस की एक पार्षद के पति ने नियमों को दरकिनार करते हुए सीधे स्थायी समिति के सभागार में प्रवेश कर लिया।
इस घटना के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मामले को गंभीर मानते हुए मनपा प्रशासन ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में दो सुरक्षा कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थायी समिति के सभापति विजय अग्रवाल की तीखी टिप्पणी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी।
स्थायी समिति की महत्वपूर्ण बैठक चल रही थी। इसी दौरान कांग्रेस की पार्षद स्मिता कांबले के पति गजानन कांबले सीधे बैठक कक्ष में पहुंच गए। नियमों के अनुसार बैठक के दौरान केवल समिति के सदस्य और संबंधित अधिकारी ही सभागार में प्रवेश कर सकते हैं। बाहरी व्यक्ति के प्रवेश करते ही भाजपा तथा सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया, जिससे बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति बिगड़ने पर स्थायी समिति के सभापति विजय अग्रवाल ने बैठक में जबरदस्ती प्रवेश करने वाले महिला पार्षद के पति गजानन कांबले से कहा कि वे समिति की बैठक के बाद उन से चर्चा करेंगे। इसके बावजूद भी जब वे नहीं माने तब वातावरण गरम हो गया। उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि नियमों और अनुशासन का पालन नहीं किया गया तो वह अपने पुराने अंदाज में जवाब देने को मजबूर होंगे। उनके इस बयान के बाद मनपा के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
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स्थायी समिति जैसी संवेदनशील बैठक में बाहरी व्यक्ति के मुख्य द्वार से प्रवेश करने की घटना को प्रशासन ने गंभीर सुरक्षा चूक माना है। मनपा आयुक्त के निर्देश पर ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले दो सुरक्षा कर्मियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी घटना दोहराए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के दौरान पिछड़ावर्गीय बस्ती विकास निधि के वितरण का मुद्दा भी चर्चा का केंद्र बना रहा। कांग्रेस पार्षद स्मिता कांबले के पति गजानन कांबले ने मनपा प्रशासन पर निधि वितरण में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रत्येक पार्षद को अपने-अपने वार्ड के विकास कार्यों के लिए समान निधि मिलनी चाहिए। इस मांग को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।