Akola Municipal Live Telecast Stopped: अकोला महानगरपालिका में सत्तारूढ़ भाजपा के कथित मनमाने और तानाशाहीपूर्ण कारोबार को लेकर विपक्ष ने तीखी नाराजगी जताई है।
शुक्रवार को मनपा की महासभा का सीधा प्रसारण अचानक बंद कर दिए जाने से विवाद खड़ा हो गया। विशेष बात यह है कि इसी दिन महासभा में किसानों की कर्जमाफी के संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अभिनंदन का प्रस्ताव रखा जाना था।
मनपा की महासभा शुक्रवार सुबह 11 बजे हुई। इससे पहले मीडिया प्रतिनिधियों को सभागृह में प्रवेश देने से इनकार करते हुए उन्हें महासभा का कामकाज टीवी पर लाइव देखने की जानकारी दी गई थी। लेकिन शुक्रवार को अचानक लाइव प्रसारण बंद करने के आदेश दिए गए।
इससे विपक्ष ने नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया कि जब पिछली सभी महासभाओं का लाइव प्रसारण नियमित रूप से किया जा रहा था, तो अचानक आज ही इसे बंद करने की जरूरत क्यों पड़ी ? विपक्ष का कहना है कि लाइव प्रसारण बंद कर बंद दरवाजों के पीछे कौन से प्रस्ताव मंजूर किए जा रहे हैं। जिन्हें जनता से दूर रखा जा रहा है? नागरिकों में भी इस निर्णय को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
वंचित बहुजन आघाड़ी के गुट नेता नीलेश देव ने भी लाइव प्रसारण बंद किए जाने के निर्णय की आलोचना की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा किसानों की कर्जमाफी किए जाने के संबंध में महासभा में अभिनंदन प्रस्ताव रखा जाना था। शहरवासियों को यह अभिनंदन देखने का अवसर मिलना चाहिए था।
यदि भाजपा मुख्यमंत्री के अभिनंदन का प्रसारण जनता को दिखाने के लिए तैयार नहीं है, तो यह बेहद निंदनीय है। महासभा का लाइव प्रसारण शुरू रहना चाहिए, क्योंकि आम नागरिकों को सभागृह में हर क्षण होने वाली कार्यवाही की जानकारी मिलने का अधिकार है, ऐसी मांग नीलेश देव ने की।
विपक्ष के नेता डा. जीशान हुसैन ने लाइव प्रसारण बंद किए जाने पर सत्ताधारियों पर निशाना साचा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब किसी बात को छिपाया जाता है, तो उसके पीछे कुछ न कुछ छिपाने का प्रयास होता है। उन्होंने कहा कि पहले मीडिया को सभागृह में प्रवेश नहीं दिया गया और उस समय यह कहा गया था कि मीडिया के लिए महासभा की पूरी कार्यवाही लाइव प्रसारित की जाएगी।
देश की संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का लाइव प्रसारण होता है और विधानसभा में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की कार्यवाही भी लाइव होती है। ऐसे में मनपा की कार्यवाही का लाइव प्रसारण क्यों बंद किया गया, यह सवाल भाजपा से पूछा जाना चाहिए।
महासभा का लाइव प्रसारण बंद करने के निर्णय के विरोध में विभिन्न स्तरों पर नाराजगी व्यक्त की जा रही है। विपक्ष ने मनपा आयुक्त से मामले में हस्तक्षेप कर मीडिया प्रतिनिधियों को सभागृह में प्रवेश देने की मांग की है। साथ ही अकोला के पालकमंत्री से भी लाइव प्रसारण फिर से शुरू कराने के निर्देश देने की मांग की जा रही है।