Maharashtra Government Residential Land News: अकोला महाराष्ट्र सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों के स्थायी निवास की समस्या का समाधान करने के लिए एक महत्वपूर्ण और राहतकारी निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य के सभी जिलों बृहन्मुंबई को छोड़कर में 1 जनवरी 2011 या उससे पहले बने शासकीय जमीन पर आवासीय अतिक्रमण को कुछ शर्तों के आधार पर नियमित किया जाएगा।
केवल वे नागरिक जिनका अतिक्रमण 1 जनवरी 2011 या उससे पहले निवास हेतु किया गया है और जो वर्तमान में वहीं रह रहे हैं। 500 वर्ग फीट तक का अतिक्रमण निःशुल्क नियमित होगा। 500 से 1500 वर्ग फीट तक के क्षेत्र के लिए अतिरिक्त हिस्से पर प्रचलित बाजार मूल्य का 10 शुल्क लिया जाएगा। 1500 वर्ग फीट से अधिक क्षेत्र का अतिक्रमण नियमित नहीं होगा। आवेदन की अंतिम तिथि पात्र नागरिक 31 दिसंबर 2026 तक संबंधित सक्षम प्राधिकरण के पास आवेदन कर सकते हैं।
आवश्यक दस्तावेज़ 01.01.2011 से पहले का मतदाता सूची में नाम, बिजली बिल, संपत्ति कर रसीद या अन्य शासकीय दस्तावेज राशन कार्ड को छोड़कर मान्य होंगे। साथ ही पिछले एक वर्ष का निवास प्रमाण आवश्यक है। नियमित की गई जमीन पतिपत्नी के संयुक्त नाम से भोगवटादार वर्ग2 के रूप में दी जाएगी। यह जमीन पांच वर्ष तक बेची या हस्तांतरित नहीं की जा सकेगी।
अपवाद और मर्यादानदीपात्र, नाले, सार्वजनिक सड़कें, वन भूमि, भूस्खलन प्रवण क्षेत्र और गायरान जमीन पर बने अतिक्रमण नियमित नहीं होंगे। गायरान जमीन पर पात्र भूमिहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना से वैकल्पिक जमीन दी जाएगी।
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कार्यान्वयन व्यवस्थाजिलास्तर पर जिलाधिकारी, नगरपालिका क्षेत्र में उपविभागीय अधिकारी और ग्रामीण क्षेत्र में तहसीलदार की अध्यक्षता में विशेष समितियाँ गठित की गई हैं। आवेदन मिलने के बाद 90 दिनों के भीतर निर्णय लेना इन समितियों के लिए अनिवार्य होगा।
सरकार का उद्देश्य विकसित महाराष्ट्र 2047 के लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाते हुए सरकार ने यह नीति घोषित की है ताकि प्रत्येक नागरिक को उसका हक़ का घर मिल सके। शासन ने पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे 31 दिसंबर 2026 से पहले आवेदन करें और इस योजना का लाभ उठाएं। तहसीलदार कुणाल झाल्टे ने स्पष्ट किया कि जो नागरिक निर्धारित तिथि तक आवेदन नहीं करेंगे या अपात्र होंगे, उनके अतिक्रमण बाद में निष्कासित किए जाएंगे।