अकोला गणेशोत्सव तैयारी (सोर्सः सोशल मीडिया)
अकोला

Akola News: गणेशोत्सव को लेकर अकोला प्रशासन अलर्ट, गणेश मंडलों के लिए लागू होगी एक खिड़की योजना

Akola Ganesh Mandals: अकोला में गणेशोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। 1,984 गणेश मंडलों को अनुमति देने के लिए एक खिड़की योजना लागू होगी और विसर्जन व्यवस्था भी दुरुस्त की जाएगी।

आंचल लोखंडे

Akola Ganeshotsav Preparation: आगामी गणेशोत्सव को लेकर जिलाधिकारी वर्षा मीणा ने समाज के सभी घटकों से सौहार्दपूर्ण सहभागिता का आवाहन किया है। उन्होंने कहा कि उत्सव शांति और उत्साह के वातावरण में तथा पर्यावरणपूरक पद्धति से मनाया जाए। साथ ही सार्वजनिक गणेश मंडलों को आवश्यक अनुमतियां सरलता से उपलब्ध कराने के लिए एक खिड़की योजना लागू करने के निर्देश महापालिका और पुलिस प्रशासन को दिए गए।

जिलाधिकारी कार्यालय के नियोजन भवन में आयोजित बैठक में विधायक वसंत खंडेलवाल, विधायक साजिदखान पठान, एड. मोतीसिंग मोहता, पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक, महापालिका आयुक्त डॉ. सुनील लहाने, अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर रेड्डी, सिद्धार्थ शर्मा, धर्मादाय आयुक्त चौधरी तथा अनेक गणेश मंडलों के सदस्य उपस्थित थे।

अनुमति और सुविधा

गणेश मंडलों को अनुमति सरलता से मिले इसके लिए एक खिड़की योजना लागू की जाएगी। संबंधित विभागों को नोडल अधिकारी और कर्मचारी नियुक्त करने होंगे। विद्युत विभाग को निर्देश दिए गए कि लटकते तारों को व्यवस्थित करें और उत्सव

काल में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें। गणेश मूर्तियों की बिक्री, आगमन और विसर्जन शोभा यात्रा मार्ग, यातायात व्यवस्था, मूर्तियों की ऊंचाई और ध्वनि मर्यादा का पालन अनिवार्य किया जाएगा। जिलाधिकारी मीणा ने कहा कि मंडलों को ध्वनि मर्यादा का कड़ाई से पालन करना चाहिए और पारंपरिक वाद्यों का उपयोग करना चाहिए।

सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी

जिलाधिकारी मीणा ने बताया कि जिले में लगभग 1,984 गणेश मंडल पंजीकृत हैं। उत्सव काल में कानून और सुव्यवस्था बनाए रखते हुए भाविकों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। महापालिका प्रशासन को निर्देश दिए गए कि विसर्जन और शोभा यात्रा मार्ग पर रास्तों के गड्ढे तुरंत भरें और पथदीप की मरम्मत करें।

पुलिस और मनपा की तैयारी

पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक ने आश्वासन दिया कि स्थापना से विसर्जन तक मंडलों को कोई कठिनाई नहीं होगी। महापालिका ने घरेलू गणेश विसर्जन के लिए शहर में चार घाट बनाने की योजना बनाई है। साथ ही बड़े टैंक तैयार किए जाएंगे। जहां 4 फीट तक की मूर्तियों का विसर्जन किया जा सकेगा। बड़ी मूर्तियों का विसर्जन बालापुर नदी घाट पर किया जाएगा।

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