कपास खेतों में खड़ी फसल किसान तस्वीर ( सोर्स: Generator image) 
अकोला

अकोला: 28 फरवरी के बाद तोड़ी गई कपास का क्या होगा? सीसीआई की समयसीमा से किसानों में चिंता

Akola News: सीसीआई द्वारा कपास पंजीयन की अंतिम तिथि 28 फरवरी तय करने से अकोला के किसान चिंतित। खेतों में खड़ी फसल और गिरते बाजार भाव के बीच समर्थन मूल्य छिनने का डर, सरकार से समयसीमा बढ़ाने की मांग तेज

रूपम सिंह

Akola CCI Registration Deadline News: कपास उत्पादक किसानों के लिए बाजार भाव गिरने की स्थिति में भारतीय कपास निगम (CCI) के माध्यम से खरीद होने पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (गारंटी मूल्य) मिलने की गारंटी रहती है। किंतु अब सीसीआई द्वारा तय की गई पंजीयन की अंतिम तिथि किसानों के लिए संकट का कारण बन रही है। सीसीआई ने हाल ही में विज्ञापन जारी कर किसानों से 28 फरवरी तक पंजीकरण कर स्लॉट बुक करने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस तिथि के बाद भी सीसीआई किसानों से कपास खरीदेगा या नहीं। इस निर्णय से उन किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है, जो 28 फरवरी तक कपास की तोड़ाई नहीं कर पाएंगे। वर्तमान में जिले के हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में कपास की फसल खड़ी है।

प्रत्येक पौधे पर 20 से 25 कपास की बोंडियां अभी भी हरी हैं। हाल ही में धूप निकलने से बोंडियां सूखने की प्रक्रिया शुरू हुई है और अनुमान है कि किसानों को औसतन 25 प्रतिशत उत्पादन प्राप्त होगा। ऐसे समय में यदि 28 फरवरी की समय सीमा समाप्त हो जाती है और बाजार भाव समर्थन मूल्य से नीचे चला जाता है, तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

राज्य सरकार की अनदेखी से होगा बड़ा नुकसान

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि फरवरी के बाद तोड़ी गई कपास को समर्थन मूल्य मिलेगा या नहीं। इस पर अभी तक कोई स्पष्टता नहीं है। किसानों का कहना है कि राज्य सरकार और जनप्रतिनिधियों द्वारा इस गंभीर मुद्दे की अनदेखी करना उनके लिए नुकसानदायक साबित होगा।

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