International Biodiversity Day (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया) 
अकोला

अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस: अकोला में पर्यावरण संवर्धन पर जागरुकता, कलेक्टर को गौरैय्या का घोंसला भेंट

International Biodiversity Day News: अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर अकोला में ब्लू मॉरमॉन नेचर क्लब ने कलेक्टर को गौरैया का घोंसला और तितलियों का मेजबान पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

महाराष्ट्र डेस्क

Akola Environmental Awareness Campaign News: अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस निमित्त स्थानीय ब्लू मॉरमॉन नेचर क्लब की ओर से जिलाधिकारी वर्षा मीणा को तितलियों का मेज़बान पौधा तथा गौरैय्या का घोंसला भेट दिया गया। यह भेट उन्हें राष्ट्रीय हरितसेना के अकोला जिला के मास्टर ट्रेनर तथा क्लब के संस्थापक अध्यक्ष हरीश शर्मा ने दी। प्रतिवर्ष 22 मई यह दिवस अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना है।

यह विषय वैश्विक स्तर पर जैव विविधता के नुकसान को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर की जाने वाली पहलों और सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर जोर देता है। अक्सर हम जैव विविधता को केवल पेड़पौधों तक सीमित समझते हैं, जबकि इसका दायरा बहुत बड़ा है।

पृथ्वी पर संतुलन बनाए रखते हैं जीव

जैव विविधता में पेड़-पौधे, जानवर, पक्षी, कीट,तितलियां, बैक्टीरिया, वायरस और मिट्टी में मौजूद सूक्ष्म जीव सभी शामिल होते हैं। यह सभी मिलकर पृथ्वी पर संतुलन बनाए रखते हैं। कई सूक्ष्म जीव हमें दिखाई नहीं देते, लेकिन पर्यावरण और मानव जीवन के लिए उनकी भूमिका बहुत जरूरी होती है।

मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने से लेकर हवा को शुद्ध करने तक हर जीव का अपना योगदान है। अगर जैव विविधता खत्म होती है तो इंसानों के लिए जीवन भी कठिन हो जाएगा। पिछले कुछ वर्षों में नई-नई बीमारियों का तेजी से फैलना भी कहीं न कहीं प्रकृति के असंतुलन का परिणाम है।

गौरैय्या का घोंसला भी भेट

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण संवर्द्धन तथा जनजागरण के लिए कार्य करनेवाले ब्लू मॉरमॉन नेचर क्लब की ओर से अकोला जिले की जिलाधिकारी वर्षा मीणा को तितलियों का मेज़बान पौधा तथा गौरैय्या का घोंसला भेट दिया गया।

राष्ट्रीय हरितसेना के अकोला जिला के मास्टर ट्रेनर तथा क्लब के संस्थापक अध्यक्ष हरीश शर्मा ने यह भेट उन्हें दी। इस दौरान जिलाधिकारी को एकझोरा यह कॉमन सिल्वरलाइन, कॉमन मॉरमॉन तितलियों का मेज़बान पौधा तथा लकड़ी के पुनरुपयोग से बना गौरैय्या का घोंसला भी भेट दिया। जैव विविधता के संरक्षण तथा संवर्द्धन के लिए सबका सहयोग आवश्यक हैं इसी उद्देश्य को लेकर यह भेट दी गयी।

WhatsApp New Rule: 1 जनवरी 2027 से बदल जाएगा वॉट्सएप, टेलीग्राम इस्तेमाल करने का तरीका? जानें क्या होगा असर

INDIA गठबंधन की रैली से होगा 10 हजार करोड़ का नुकसान, दिल्ली के 20 बाजारों पर पड़ेगा सीधा असर

मनी लॉन्ड्रिंग के जाल में फंसा अलगाववादी यासीन मलिक, पाकिस्तानी पैसे से देश तोड़ने की साजिश रचता था

हाइड्रोजन और एलएनजी ट्रेन में क्या है असली फर्क? ₹25 लाख की सालाना बचत और जीरो प्रदूषण, जानिए दोनों का अंतर

संयुक्त राष्ट्र दिवस 2026: 24 अक्टूबर को ही क्यों मनाया जाता है UN Day? जानें इतिहास और भारत की भूमिका